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Dengue: दिल्ली-एनसीआर में पैर पसार रहा है डेंगू, अस्पतालों में बढ़े मरीज; जानिए आप कैसे रहें सुरक्षित

Tue, 17 Sep 2024 07:18 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डेंगू का खतरा - फोटो : istock
मच्छर जनित रोग डेंगू के मामले देश के कई हिस्सों में तेजी से बढ़ रहे हैं। कर्नाटक, महाराष्ट्र सहित कई अन्य राज्यों में डेंगू के कारण अस्पतालों में मरीजों की भीड़ देखी जा रही है। हालिया जानकारियों के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में भी डेंगू की रफ्तार बढ़ रही है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक जनवरी से 10 सितंबर तक दिल्ली में डेंगू के कुल 675 मामले दर्ज किए गए हैं। डेंगू के कारण दो मौतें भी हुई हैं। लोक नायक अस्पताल में 54 वर्षीय एक मरीज की और सफदरजंग अस्पताल में भी एक रोगी की मौत हुई है। शहर के कई अस्पतालों में वेक्टर जनित बीमारी के रोगियों की संख्या भी अब अधिक हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस साल राज्य में डेंगू के सबसे ज्यादा मामले अगस्त में सामने आए हैं। नोएडा के एक अस्पताल के डॉक्टर ने बताया, इन दिनों ओपीडी में अधिकतर लोग तेज बुखार की शिकायत के साथ आ रहे हैं।

जांच के दौरान कई लोगों में डेंगू की शिकायत देखी गई है। हालांकि ज्यादातर मरीज ऐसे रहे हैं जो दवाओं से ठीक हो गए हैं। गंभीर रोग के मामले या रक्तस्रावी बुखार वाले केस फिलहाल कम हैं। हालांकि खतरे को देखते हुए सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
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डेंगू फैलाने वाला मच्छर - फोटो : social media
मलेरिया और चिकनगुनिया का भी खतरा

डॉक्टरों ने बताया, इन दिनों डेंगू के साथ-साथ मलेरिया और चिकनगुनिया के मरीजों का भी निदान किया जा रहा है। हल्के स्ट्रेन के कारण संक्रमण की गंभीरता फिलहाल कम है, लेकिन इस मानसून सीजन में हुई अत्यधिक बारिश को देखते हुए मामले बढ़ सकते हैं।

गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली-एनसीआर में जनवरी से 10 सितंबर तक मलेरिया के 260 और चिकनगुनिया के 32 मामले भी दर्ज किए गए हैं। चूंकि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया ये सभी मच्छरों के काटने से होने वाले रोग हैं और सभी के शुरुआती लक्षण भी समान होते हैं इसलिए इनमें अंतर कर पाना भी प्रारंभिक समय में कठिन होता है।
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डेंगू के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : istock
बढ़ रहे हैं डेंगू के मरीज

राजधानी दिल्ली स्थित एक निजी अस्पताल में जनरल फिजिशियन डॉ अरविंद कुमार बताते हैं, ओपीडी में रोजाना 15-20 मरीजों में डेंगू के निदान किया जा रहा है। इसके अलावा इन दिनों में टाइफाइड के कारण भी अस्पतालों में भर्ती रोगियों की संख्या बढ़ी है। इन सभी बीमारियों के कारण शुरुआत में तेज बुखार और पेट की दिक्कतें हो सकती हैं। कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए ये बीमारियां गंभीर हो सकती है।

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मच्छर जनित रोगों का खतरा - फोटो : amarujala
भारी बारिश ने बढ़ा दिया खतरा

डॉ अरविंद कहते हैं, लंबे समय तक मानसून रहने के कारण डेंगू का खतरा इस बार अक्तूबर-नवंबर तक जारी रहने की आशंका है। सितंबर-अक्तूबर का महीना हर बार चुनौतीपूर्ण रहता है, इस बार हम और भी अलर्ट हैं। कई जगहों पर बारिश के कारण जलजमाव की घटनाएं सामने आती रही हैं। डेंगू के मच्छर साफ स्थिर पानी में पनपते हैं।

इस बार सितंबर के अंत तक बारिश होते रहने के आसर हैं, ऐसे में हम मान कर चल रहे हैं कि डेंगू का सीजन आगे खिंच सकता है। अब तक राहत की बात ये है कि गंभीर मामले कम देखे गए हैं और डेंगू की पॉजिटिव रिपोर्ट वाले मरीज भी आसानी से ठीक हो गए हैं। 
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मच्छरों से करें बचाव - फोटो : freepik.com
मच्छरों के काटने से बचाव जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डेंगू-चिकनगुनिया हो या मलेरिया, इन सभी से बचाव को लेकर लगातार अलर्ट रहने की आवश्यकता है। इसके लिए मच्छरों के काटने से बचने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनना, मच्छर भगाने वाली दवाओं का इस्तेमाल करना और यह सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है कि घरों और समुदायों के आस-पास पानी जमा न हो। अगर पानी की निकासी नहीं हो सकती है, तो एक चम्मच तेल डालने से लार्वा को पनपने से रोकने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा पानी और सीवेज के दूषित होने की वजह से टाइफाइड बुखार होने का खतरा बढ़ जाता है, इसको लेकर भी सावधानी बरतते रहना जरूरी है।



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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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