'प्रिवेंशन इज बेटर दैन क्योर' यह कहावत आपने जरूर सुनी होगा, जिसका मतलब होता है कि किसी बीमारी-समस्या के बढ़ने से पहले उसकी रोकथाम कर लेना बहुत आवश्यक होता है। सेहत के मामले में इसकी महत्ता और भी बढ़ जाती है। डॉक्टर कहते हैं, कुछ बीमारियों में शुरू में बरती गई लापरवाही या नजरअंदाजगी गंभीर समस्याकारक हो जाती है। जबकि अगर समय रहते सही निदान और उपचार हो जाए तो न सिर्फ आप बड़े खर्च से बच जाते हैं, साथ ही गंभीर जटिलताओं का जोखिम भी कम होता है। यही कारण है कि सभी लोगों को नियमित रूप से हेल्थ टेस्ट कराते रहने की सलाह दी जाती है।
स्वास्थ्य और फिटनेस के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। वर्ल्ड हेल्थ डे 2023 के अवसर पर डॉक्टर्स कहते हैं, सभी लोगों को आवश्यक तौर पर 30 की आयु के बाद नियमित रूप से हेल्थ टेस्ट कराते रहना चाहिए। ऐसा करके आप भविष्य में होने वाली कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम कर सकते हैं।
जांच के माध्यम से समय रहते बीमारियों का निदान हो जाना आपको किसी बड़े जोखिम से बचाने में भी मददगार है। आइए जानते हैं कि इसके लिए कौन-कौन से जांच आवश्यक है?