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बड़ी खबर: कोरोना की तीसरी लहर कब आएगी और कितनी गंभीर होगी? एम्स निदेशक ने दी जानकारी

Fri, 23 Jul 2021 04:37 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला. नई दिल्ली
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डॉ. रणदीप गुलेरिया - फोटो : एएनआई
कोरोना की तीसरी लहर को तमाम आशंकाओं के बीच शुक्रवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने काफी सुकून भरी जानकारी दी। डॉ गुलेरिया ने बताया कि हाल ही में हुए सीरो सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि देश की बड़ी आबादी में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडीज विकसित हो चुकी हैं। इसका मतलब यह है कि इन लोगों को संभावित तीसरी लहर से काफी हद तक सुरक्षित माना जा सकता है। कोरोना की तीसरी लहर को लेकर ज्यादा परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, हम उम्मीद कर रहे हैं कि यह लहर पिछली लहरों की तुलना में कम प्रभावशाली होगी।
डॉ गुलेरिया का बयान इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) द्वारा किए गए चौथे राष्ट्रीय कोविड सीरो सर्वेक्षण पर आधारित है, जिसमें बताया गया है कि भारत की दो-तिहाई आबादी में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडीज विकसित हो चुकी हैं। डॉ गुलेरिया ने कहा कि अगर हम कोरोना से बचाव के उपायों को प्रयोग में लाने में कोई लापरवाही नहीं बरतते हैं तो तीसरी लहर को अधिक प्रभावी होने से रोका जा सकता है।
आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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कोरोना वैक्सीन से कम हो सकता है खतरा - फोटो : पेक्सेल्स
कब तक आ सकती है तीसरी लहर?
कोरोना की तीसरी लहर के बारे में बताते हुए डॉ गुलेरिया कहते हैं, ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है कि सितंबर-अक्टूबर के दौरान देश में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है, हालांकि वैज्ञानिकों का मानना है कि यह दूसरी लहर की तरह गंभीर नहीं होगी। राज्यों ने दूसरी लहर के दौरान लगे लॉकडाउन को धीरे-धीरे खत्म कर दिया है, लोग फिर से घरों से बाहर निकलने लगे हैं। इस समय अगर हम कोविड से बचाव के नियमों को लेकर सतर्क रहते हैं तो तीसरी लहर को ज्यादा प्रभावी होने से रोका जा सकता है। कोरोना से बचाव के उपायों को लेकर की गई लापरवाही भारी पड़ सकती है।
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कोविड की तीसरी लहर के ज्यादा गंभीर होने के आसार कम - फोटो : Social media
कितनी गंभीर हो सकती है तीसरी लहर
कोरोना की तीसरी लहर की गंभीरता को लेकर एम्स निदेशक ने कहा कि हम यह अनुमान नहीं लगा सकते कि वायरस कैसे व्यवहार करेगा, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में वायरस में कोई और म्यूटेशन देखने को नहीं मिलेगा। देश में लोगों का तेजी से वैक्सीनेशन किया ही जा रहा है और सीरोसर्वे के अनुसार ज्यादातर लोगों में कोविड-19 के खिलाफ प्रतिरक्षा विकसित हो चुकी है, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि तीसरी लहर ज्यादा गंभीर नहीं होगी।  
 

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कोविड से सुरक्षित रहना बेहद आवश्यक - फोटो : iStock
सावधानी बरतने से ही कोविड पर मिल सकती है जीत
डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा, कोरोना से लोगों को सुरक्षा देने के लिए देश में टीकाकरण की रफ्तार तेज कर दी गई है। अगर अगले कुछ महीनों, जब तक कि आबादी के एक बड़े हिस्से का टीकाकरण नहीं हो जाता, हमें भीड़-भाड़, गैर-जरूरी यात्रा से बचना चाहिए। कोविड-उपयुक्त व्यवहार बनाए रखना चाहिए, अगर इन बातों का गंभीरता से पालन किया जाए तो न सिर्फ कोरोना की तीसरी लहर में देरी की जा सकती है, साथ ही इसे आक्रमण रूप लेने से भी रोका जा सकता है। सभी लोगों को जल्द से जल्द टीकाकरण करा लेना चाहिए, अध्ययनों से पता चलता है कि टीके की दोनों खुराक ले चुके लोगों को कोरोना के गंभीर संक्रमण और इससे होने वाली मौत के खतरे से सुरक्षित माना जा सकता है। 
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कोरोना से लापरवाही पड़ सकती है भारी - फोटो : Social media
40 करोड़ आबादी पर अब भी खतरा
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के चौथे सीरो-सर्वे के मुताबिक अबतक देश की दो-तिहाई आबादी में वायरस के खिलाफ रक्षात्मक एंटीबॉडीज विकसित हो चुकी हैं। हालांकि अभी भी एक तिहाई आबादी यानी करीब 40 करोड़ लोगों में एंटीबॉडी नहीं पाई गई हैं, जिसका यह मतलब है कि इन लोगों में कोरोना की तीसरी लहर का खतरा अधिक हो सकता है। जिन राज्यों के लोगों में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडीज नहीं विकसित हो पाईं हैं उन्हें विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।



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नोट: यह लेख भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया के बयान के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

 
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