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सलाह: हृदय रोगों से रहना चाहते हैं सुरक्षित तो ऐसा रखें अपना डाइट प्लान, इन चीजों से करें बिल्कुल परहेज

Fri, 23 Jul 2021 03:21 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हृदय रोगों से बचने के तरीके (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
Medically reviewed by-
अर्चना सेठी
(आहार और पोषण विशेषज्ञ)
लखनऊ


शरीर के हर अंग की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। किसी भी अंग में क्षति या किसी तरह की गड़बड़ी, पूरे शरीर के कार्यों को प्रभावित कर सकती है। हमारे शरीर के लिए हृदय ऐसा ही एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है। शरीर के सभी अंगों में ऑक्सीजन युक्त रक्त पहुंचाने के साथ ब्लड प्रेशर को नियंत्रित बनाए रखना हृदय का ही कार्य होता है। सोचिए, शरीर के इतने महत्वपूर्ण अंग में यदि कोई समस्या आ जाए तो हमारा जीवन कितना कठिन हो सकता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक खराब जीवनशैली और खान-पान में गड़बड़ी के कारण हृदय के कामकाज पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। यही कारण है कि देश में हृदय रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। पोषण विशेषज्ञों के मुताबिक अपने आहार में सुधार करके हृदय को स्वस्थ रखा जा सकता है। फाइबर, स्वस्थ वसा और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आहार हृदय को मजबूती देने के साथ इससे संबंधित तमाम तरह की बीमारियों के खतरे को कम कम कर सकते हैं। वहीं पैक्ड फूड, ज्यादा तले-भुने भोजन और फास्ट फूड हृदय के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। आइए इस लेख में वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार हृदय को मजबूती देने वाले आहारों के बारे में जानते हैं।
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हृदय रोगियों के लिए आहार (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
लो कार्ब्स वाले आहार
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक वसा की तुलना में कार्बोहाइड्रेट, हृदय के स्वास्थ्य पर अधिक हानिकारक प्रभाव डाल सकते हैं। यही कारण है कि हृदय रोग से पीड़ित और इससे बचे रहने के लिए सभी लोगों को लो कार्ब वाले आहार के सेवन की सलाह दी जाती है। हृदय रोगियों को आहार में लो कार्ब्स के साथ प्रोटीन युक्त आहार के सेवन को बढ़ाना चाहिए। यह शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) के स्तर को बढ़ाने के साथ अतिरिक्त वजन, हाई ट्राइग्लिसराइड और रक्तचाप के स्तर को कम करके हृदय की स्थिति में सुधार करने में काफी सहायक हो सकते हैं। यही कारण है कि हृदय रोगियों को आहार में सब्जियों, फाइबर और ओमेगा -3 से समृद्ध खाद्य पदार्थों के सेवन बढ़ाने पर जोर दिया जाता है।
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स्वस्थ और पौष्टिक आहार का करें सेवन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थ
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हृदय रोगियों और इसके खतरे से बचे रहने के लिए अपने आहार में पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थ की मात्रा बढ़ानी चाहिए। कभी-कभी मांस, मछली या पोल्ट्री उत्पादों का सेवन भी किया जा सकता है। ऐसे भोजन हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं। इसके अलावा ऐसे रोगियों को एडेड शुगर, रिफाइंड अनाज, प्रोसेस्ड मीट और फास्ट फूड के सेवन से परहेज करना चाहिए, यह हृदय की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।

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रक्तचाप को नियंत्रित करने वाले आहार का करें सेवन - फोटो : Social media
डैश डाइट भी है फायदेमंद
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हृदय रोग से सुरक्षित रहने के लिए सभी लोगों को भोजन में उन चीजों को शामिल करना चाहिए जो उच्च रक्तचाप को कम करने में सहायक हों। ऐसे में डैश डाइट (डाइटरी एप्रोच्स टु स्टॉप हाइपरटेंशन) काफी फायदेमंद हो सकते हैं। डैश डाइट में कैलोरी की आवश्यकता के अनुसार कुछ प्रकार के खाद्य पदार्थों जैसे फल, सब्जियां, कम वसा वाले डेयरी उत्पाद, लीन मीट और साबुत अनाज को शामिल किया जाता है। ऐसे आहार रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए सोडियम के उपयोग को भी सीमित कर देते हैं। अपने लिए डैश डाइट निर्धारित करने के लिए आहार विशेषज्ञ से सलाह ले सकते हैं।
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हृदय रोगी प्रोसेस्ड फूड से करें परहेज - फोटो : Pixabay
ऐसी चीजों से करें परहेज
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हृदय को स्वस्थ रखने के लिए क्या खाना है, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, क्या नहीं खाना है? हृदय रोगियों और जिनमें इन बीमारियों का खतरा अधिक है उन लोगों को सेचुरेटेड फैट और ट्रांस-फैट (हाइड्रोजनीकृत तेलों में पाए जाने वाले) वाले आहार से पूरी तरह से बचना चाहिए। ब्लड प्रेशर की समस्या को प्रबंधित करने के लिए दैनिक आहार में सोडियम (विशेषकर नमक) की मात्रा को 1,500 मिलीग्राम या उससे कम रखने की कोशिश करें। कुछ लोगों को डॉक्टर कॉफी और चाय जैसे कैफीनयुक्त पेय से भी परहेज करने की सलाह देते हैं। हृदय रोगों के खतरे को कम करने के लिए आहार पर ध्यान देना बेहद आवश्यक होता है।

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नोट: यह लेख आहार और पोषण विशेषज्ञ अर्चना सेठी के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। अर्चना, लखनऊ की जानी-मानी पोषण विशेषज्ञ हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
 
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