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मजबूत रिश्ते के लिए दिमाग को ऐसे दें आराम, डाॅक्टर से जानें किन 10 बातों का रखें ध्यान

Thu, 30 Sep 2021 12:00 PM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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couple - फोटो : istock
डाॅ. अदिति सक्सेना,
सायकोलॉजिस्ट (इंटीग्रेटेड थैरेपिस्ट)


Medically Reviewed by Dr. Aditi Sexana

लम्बे बने रहने वाले रिश्तों के साथ अक्सर मुश्किलों और बाधाओं की लंबी फेहरिस्त भी जुड़ी होती है। जाहिर है कि परिवार, जॉब और पर्सनल लाइफ में बैलेंस बनाकर रखना एक बड़ा चैलेंज होता है जिसका खामियाजा कई बार पति-पत्नी को भुगतना पड़ता है। ईगो, असहयोग, असंतोष जैसी कई चीजें इस रिश्ते के बीच आ खड़ी होती हैं और फिर दरार बढ़ती चली जाती है। नौबत रिश्तों के टूटने तक पहुंच जाती है। ऐसे में अगर थोड़े धैर्य से काम लिया जाए तो आपसी रिश्ते को अटूट बनाये रखा जा सकता है। इसके लिए कुछ बिंदुओं पर गौर करें।

रिश्ते बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। खासकर पति- पत्नी के बीच का रिश्ता बहुत सारी जिम्मेदारियों से जुड़ा होता है। साथ ही चाहे- अनचाहे इससे जुड़ जाती हैं ढेर सारी अपेक्षाएं भी। फिर जब अपेक्षाएं पूरी नहीं होतीं तो असंतोष पनपता है और अपने साथ लेकर आता है कई अन्य समस्याएं। वैसे तो किसी भी रिश्ते के लिए ये कुछ बातें महत्वपूर्ण हो सकती हैं लेकिन इन्हें दाम्पत्य जीवन में विशेषकर लागू किया जा सकता है। ये बातें हैं-
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couple - फोटो : istock
-जो व्यवहार आप अपने लिए चाहते हैं वही सामने वाले को दें। यह बहुत पुराना स्थापित तथ्य है। 90 प्रतिशत मामलों में यह बात सही उतरती है। 10 प्रतिशत उन मामलों को छोड़ दें जहां रिश्तों को इंसानियत के आधार पर भी परखा नहीं जाता। वहां फिर कोई भी बात बेमानी हो जाती है। तो स्त्री हों या पुरुष अगर आप सम्मान चाहते हैं सम्मान देना भी सीखें। 

-एक बहुत सिम्पल सी बात है आपको कोई तब ही दुख पहुंचा सकता है जब आप उसे ऐसा करने का अधिकार देते हैं। ठीक इसी तरह आपकी खुशियों के लिए भी आप ही जिम्मेदार होते हैं। अगर आप पूरे परिवार को खुश रखने के लिए जिम्मेदारी निभाते हैं तो कभी-कभी अपनी खुशी के लिए भी प्रयत्न करें। अपनी खुशियों को भी प्राथमिकता दें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
-किसी भी रिश्ते से ऊपर होती है दोस्ती। अगर एक रिश्ता दोस्ती की नींव पर बना है तो उसमें हमेशा टिके रहने की गुंजाइश होती है। तो एक-दूसरे के बेस्ट फ्रेंड बनने की कोशिश करें। 

-रिश्तों को लय में बनाये रखने का सबसे अच्छा तरीका है नियमित रूप से उनके मेंटेनेंस पर ध्यान देना। इसलिए समय समय अपने पार्टनर को जानने, समझने और उनके साथ क्वालिटी टाइम निकालने की कोशिश करें। 

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angry couple - फोटो : istock
-कभी भी गुस्से में कोई निर्णय न लें। अगर किसी एक को गुस्सा आ रहा हो तो दूसरा वहां से हट जाए और दूर चला जाये। गुस्सा बहस को बढ़ाता है और इससे कभी भी समस्या का हल नहीं निकलता। अक्सर कोई छोटी सी बात सिर्फ गुस्से की वजह से बिगड़ जाती है। इसलिए गुस्से पर काबू पाना सीखिए। इसके लिए आप मेडिटेशन, योग, संगीत आदि जैसी चीजों को अपना सकते हैं। 

-एक-दूसरे की भावनाओं, इच्छाओं और अस्तित्व का सम्मान रोज कीजिये। जब सम्मान का यह भाव स्थाई होगा तो एक-दूसरे को समझने में कभी दिक्कत नहीं होगी। 
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angry couple - फोटो : istock
-तुलना कभी भी रिश्तों के लिए अच्छी नहीं होती। अगर आप दूसरे दंपत्तियों से अपने दाम्पत्य जीवन की तुलना करेंगे तो कभी खुश नहीं रह पाएंगे। हमेशा याद रखें कि हर दम्पत्ति अलग होते हैं और सबकी अपनी खूबियां-खामियां हो सकती हैं। इसलिए तुलना से बचें।

-निराशा या दुख के क्षणों में शांति से सबसे पहले अपने मन की उलझन को समझने की कोशिश करें। अपने मन को पढ़ें कि वहां क्या चल रहा है और फिर स्थिति का आंकलन करें। बिना स्थिति को समझे कोई निर्णय न लें। 
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couple - फोटो : istock
-अपनी इच्छाओं और भावनाओं को अपने पार्टनर से स्पष्ट कहें। यह कहना कि आपको अपने पार्टनर से कोई भी अपेक्षा नहीं है, यह झूठ होगा। इसलिए अपनी इच्छाओं को कहें क्योंकि बिना कहे आपका पार्टनर समझ ही नही पायेगा और यही आपसी मनमुटाव का कारण बन जायेगा। 

-हमेशा अपने मन की सच्ची भावनाओं को सामने रखें। झूठ बोलकर या टालकर आप उस समय तो स्थिति को संभाल लेंगे लेकिन वह गांठ की तरह आपके भीतर राह जाएगी। इसलिए जो भी भावना है उसे बताने के लिए हमेशा कमिटेड रहें।

नोट:डॉ. अदिति सक्सेना सायकोलॉजिस्ट (इंटीग्रेटेड थैरेपिस्ट) हैं और मेडिकल क्षेत्र में एक जाना-माना नाम भी हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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