डाॅ. अदिति सक्सेना,
सायकोलॉजिस्ट (इंटीग्रेटेड थैरेपिस्ट)
Medically Reviewed by Dr. Aditi Sexana
लम्बे बने रहने वाले रिश्तों के साथ अक्सर मुश्किलों और बाधाओं की लंबी फेहरिस्त भी जुड़ी होती है। जाहिर है कि परिवार, जॉब और पर्सनल लाइफ में बैलेंस बनाकर रखना एक बड़ा चैलेंज होता है जिसका खामियाजा कई बार पति-पत्नी को भुगतना पड़ता है। ईगो, असहयोग, असंतोष जैसी कई चीजें इस रिश्ते के बीच आ खड़ी होती हैं और फिर दरार बढ़ती चली जाती है। नौबत रिश्तों के टूटने तक पहुंच जाती है। ऐसे में अगर थोड़े धैर्य से काम लिया जाए तो आपसी रिश्ते को अटूट बनाये रखा जा सकता है। इसके लिए कुछ बिंदुओं पर गौर करें।
रिश्ते बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। खासकर पति- पत्नी के बीच का रिश्ता बहुत सारी जिम्मेदारियों से जुड़ा होता है। साथ ही चाहे- अनचाहे इससे जुड़ जाती हैं ढेर सारी अपेक्षाएं भी। फिर जब अपेक्षाएं पूरी नहीं होतीं तो असंतोष पनपता है और अपने साथ लेकर आता है कई अन्य समस्याएं। वैसे तो किसी भी रिश्ते के लिए ये कुछ बातें महत्वपूर्ण हो सकती हैं लेकिन इन्हें दाम्पत्य जीवन में विशेषकर लागू किया जा सकता है। ये बातें हैं-