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क्या कोरोना के असर को कम करने में स्टीम थेरपी से नहीं है कोई लाभ? अध्ययन में हुए चौंकाने वाले खुलासे

Fri, 30 Apr 2021 01:49 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
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क्या कोरोना के मामलों में भाप लेने के नहीं हैं कोई फायदे - फोटो : iStock
कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए देश में तरह-तरह के घरेलू उपायों के प्रयोग में लाया जा रहा है। गर्म पानी और काढ़े से लेकर तमाम तरह के इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फलों के सेवन को इन दिनों कोरोना वायरस से बचाने वाले ढाल के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। भाप लेना भी ऐसा ही एक उपाय है जिसे विशेषज्ञ, संक्रमण से सुरक्षा देने वाले उपायों में से एक मान रहे थे।
हाल ही में हुए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया है कि दुनियाभर में कोरोना संक्रमण से बचने के लिए प्रयोग में लाई जा रही 'स्टीम थेरपी' यानी की भाप लेने से कोई लाभ नहीं होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कोरोना से बचने के लिए अब इस उपाय को प्रयोग में नहीं लाया जाना चाहिए?
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शोधकर्ताओं ने पाया भाप लेने कोरोना में नहीं मिलता है लाभ - फोटो : social media
अध्ययन के मुताबिक, ''दुनियाभर में प्रचार किया जा रहा है कि नाक और मुंह के माध्यम से भाप लेने से कोरोना वायरस के प्रभाव को कम किया जा सकता है। यदि सभी लोग एक हफ्ते तक स्टीम ले लें तो इस गंभीर महामारी को आसानी से खत्म किया जा सकता है।''
इस धारणा को सिरे से खारिज करते हुए राउटर्स में छपी एक रिपोर्ट कहती है कि यह सलाह न सिर्फ गलत है बल्कि लोगों के लिए यह खतरनाक भी हो सकता है।
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स्टीम थेरपी को लेकर उठे सवाल - फोटो : Social Media
राउटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक न तो यूएस सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) और न ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) कोरोनावायरस के उपचार के रूप में स्टीम लेने की सलाह देता है। सीडीसी के अधिकारियों का भी कहना है कि अब तक ऐसा कोई अध्ययन नहीं है जिसके आधार पर माना जा सके कि भाप लेने से शरीर में कोरोना वायरस के असर को कम किया जा सकता है। 

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स्टीम से सांस की दिक्कतें होती हैं दूर - फोटो : Pixabay
स्पैनिश पेडियाट्रिक एसोसिएशन यहां तक कहता है कि गर्म पानी से भरे पैन के ऊपर तौलिया से सिर ढककर भाप लेने का तरीका खतरनाक है। बर्मिंघम चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल ने स्टीम इनहेलेशन से जुड़े जोखिमों के बारे में सचेत करते हुए कहा है कि कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए लोगों को इस तरह के तरीकों को प्रयोग में नहीं लाना चाहिए, वैज्ञानिक नजरिए से इसके कोई लाभ नहीं हैं।
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कोरोना में भाप लेना कितना फायदेमंद - फोटो : Social Media
डॉक्टरों का क्या कहना है
वहीं दूसरी ओर भाप लेने के फायदों के बारे में जब हमने नोएडा में एंटी कोरोना टास्क फोर्स के डॉक्टर सिद्धार्थ गुप्ता से बातचीत की तो उनकी राय इस बारे में काफी अलग है। डॉ सिद्धार्थ कहते हैं कि भारत में सदियों से भाप लेने का चलन है, इतना ही नहीं विशेषज्ञ इसे सुश्रुत के समय में भी सांस की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले उपायों में से एक मानते हैं। भाप लेने से श्वसन प्रणाली तो ठीक ही रहती है, साथ ही यदि आपके फेफड़ों तक कोरोना या कोई अन्य संक्रमण पहुंच गया है, ऐसे मामलों में भी इससे लाभ मिलता है।
 
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तेजी से बढ़ते जा रहे हैं कोरोना के मामले - फोटो : Pixabay
कोरोना के उपचार में भाप को लेकर राउटर्स में छपी इस रिपोर्ट ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां विशेषज्ञ श्वसन प्रणाली के लिए इसे फायदेमंद मान रहे हैं वहीं इस अध्ययन में ऐसे किसी भी फायदे को नकारा गया है। फिलहाल विशेषज्ञों का कहना है कि इस संबंध में और अधिक शोध की जरूरत है। स्टीम इनहेलेशन कोविड जैसे जानलेवा संक्रमण का भले ही इलाज नहीं कर सकती है पर यह नाक बंद होने के दौरान आपको बेहतर महसूस कराने में मदद जरूर कर सकती है।

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स्रोत और संदर्भ: 
Inhaling steam is not proven to prevent COVID-19
https://www.reuters.com/article/uk-factcheck-steam-idUSKBN2AC2FV

अस्वीकरण नोट:  यह लेख न्यूज एजंसी राउटर्स में छपी एक रिपोर्ट और नोएडा में एंटी कोरोना टास्क फोर्स के डॉक्टर सिद्धार्थ गुप्ता से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में
शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। अमर उजाला राउटर्स के इस रिपोर्ट को लेकर कोई दावा नहीं करता है।
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