हृदय को कैसे रखें स्वस्थ
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क्या कहती हैं विशेषज्ञ?
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी नैन्सी ब्राउन ने एक बयान में कहा, अध्ययन के निष्कर्षों से पता चलता है कि अगर समय रहते हमने अपनी आदतों और हृदय रोग के जोखिम कारकों में सुधार नहीं किए तो हृदय रोग और स्ट्रोक के कारण भयानक मानवीय और आर्थिक नुकसान हो सकता है। ये जोखिम किसी एक देश तक सीमित नहीं हैं बल्कि दुनियाभर में हृदय रोगों के बढ़ते जोखिम देखे जा रहे हैं।
गौरतलब है कि भारत में भी पिछले कुछ वर्षो में, विशेषतौर पर कोरोना महामारी के बाद से कम उम्र के लोगों में हृदय रोग-हार्ट अटैक के कारण मौत के मामले बढ़ते देखे गए हैं।