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अध्ययन: शराब के कारण पिछले साल कई गुना तेजी से बढ़े इस घातक रोग के मामले, हो जाइए सतर्क

Fri, 16 Jul 2021 11:58 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शराब के कारण बढ़े कैंसर के मामले (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
कैंसर, दुनियाभर में तेजी से बढ़ती सबसे घातक बीमारियों में से एक है। पिछले कुछ दशकों में कैंसर के मामलों में काफी तेजी से उछाल देखने को मिला है। इसी से संबंधित एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि पिछले साल दुनियाभर में कैंसर के 7.40 लाख से ज्यादा कैंसर के नए मामले सामने आए हैं। खास बात यह है कि कैंसर के तेजी से बढ़े इन मामलों का मुख्य कारण शराब का सेवन बताया जा रहा है। अध्ययन में शोधकर्ताओं ने शराब के सेवन और कैंसर के बीच के संबंधों के बारे में बताते हुए लोगों से इसके सेवन को कम करने की अपील की है।
'द लैंसेट ऑन्कोलॉजी' जर्नल में छपी रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने बताया कि शराब का सेवन महिला और पुरुष दोनों की सेहत के लिए काफी नुकसानदायक है। अध्ययन में बताया गया है कि शराब के कारण 77 फीसदी पुरुषों (568,700 मामले) और 23 फीसदी महिलाओं में  (172,600) कैंसर के मामलों की पुष्टि की गई है। शराब पीने के कारण इसोफेगस, लीवर और ब्रेस्ट के कैंसर के मामले सबसे ज्यादा सामने आए हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते लोगों ने शराब के सेवन को प्रतिबंधित नहीं किया तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
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एक साल में बढ़े कई तरह के कैंसर के मामले - फोटो : iStock
कई प्रकार के कैंसर का कारण बन रहा है शराब
पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों का अध्ययन करते हुए शोधकर्ताओं ने पाया कि साल 2020 तक मुंह, ग्रसनी, वाइस बॉक्स (स्वरयंत्र), ग्रासनली, बृहदान्त्र, मलाशय, यकृत और स्तन कैंसर के 6.3 मिलियन (63 लाख) से अधिक मामले थे। इनमें से ज्यादातर मामलों को शराब पीने से जोड़कर देखा जा रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि चूंकि साल 2020 पूरी तरह से कोविड की भेंट चढ़ गया ऐसे में माना जा रहा है कि कैंसर के मामलों के आंकड़े इससे कहीं अधिक हो सकते हैं।
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शराब डीएनए को पहुंचा सकता है नुकसान - फोटो : social media
डीएनए और हार्मोन को प्रभावित कर सकता है शराब
शोधकर्ता बताते हैं, शराब, शरीर में हानिकारक रसायनों के उत्पादन में वृद्धि करके डीएनए को नुकसान पहुंचाने के साथ कई तरह के हार्मोन के उत्पादन को प्रभावित कर सकता है। यह सीधे तौर पर कैंसर की समस्याओं का कारक बन सकती हैं। इतना ही नहीं शराब, कैंसर पैदा करने वाले तंबाकू जैसे उत्पादों के प्रभाव को और बढ़ा सकती है।
फ्रांस स्थित इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आईएआरसी) का प्रमुख डॉ हेरिएट रुमगे कहती हैं, हमें नीति निर्माताओं और आम जनता के बीच शराब के सेवन के कारण होने कैंसर के जोखिम  के बारे में जागरूकता बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है। शराब के सेवन को कम करने के लिए एनजीओ और स्वास्थ्य संगठनों को भी आगे आने आना होगा, वरना भविष्य में इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

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शराब के सेवन को बंद करने की अपील - फोटो : PTI
इससे ज्यादा शराब पीना है बेहद नुकसानदायक
शोधकर्ताओं का कहना है कि सभी लोगों को अगर स्वस्थ रहना है तो शराब पीना छोड़ना होगा। यदि आप अचानक से शराब नहीं छोड़ पा रहे हैं तो इसकी मात्रा को कम जरूर कर लें। एक दिन में  20 ग्राम (दो ड्रिंक के बराबर) तक के सेवन को संयमित माना जा सकता है। हालांकि रोजाना 20-60 ग्राम (पांच से छह ड्रिंक के बराबर) की मात्रा में शराब का सेवन आपको कैंसर सहित तमाम तरह की अन्य बीमारियों की चपेट में ले सकता है। शराब की मात्रा को ध्यान में रखना बेहद आवश्यक है।
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भारत सहित तमाम एशियाई देशों मेंबढ़ा है शराब का सेवन - फोटो : Social media
भारत में तेजी से बढ़ी है शराब की खपत
डॉ हेरिएट रुमगे कहती हैं, हमने आंकड़ों में देखा कि हाल के कुछ वर्षों में यूरोपीय देशों में प्रति व्यक्ति शराब की खपत में कमी आई है, लेकिन चीन और भारत जैसे एशियाई देशों में इसका सेवन काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा, इस बात के प्रमाण भी मिले हैं कि कुछ देशों में कोविड-19 महामारी के दौरान शराब पीने की दर में वृद्धि देखी गई है। डॉ हेरिएट कहती हैं कि इस अध्ययन में हमने पाया है कि बहुत थोड़ी भी मात्रा में शराब का सेवन नुकसानदायक हो सकता है, लोगों को कैंसर की गंभीरता को समझते हुए शराब के सेवन को प्रतिबंधित करने पर खुद ध्यान देना चाहिए।

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स्रोत और संदर्भ: 
Global burden of cancer in 2020 attributable to alcohol consumption: a population-based study

अस्वीकरण नोट: यह लेख 'द लैंसेट ऑन्कोलॉजी' जर्नल में छपी रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। संबंधित विषय के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से सलाह लें।
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