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इन लक्षणों से पता कीजिए कि कोरोनाकाल में कहीं आप भी तो नहीं हो रहे तनाव का शिकार   

Tue, 11 May 2021 06:25 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मानसिक रूप से अस्वस्थ होते जा रहे हैं। - फोटो : Social Media

Medically Reviewed by Dr. Preeti Singh

डॉ  प्रीति सिंह, सीनियर कंसल्टेंट साइकोथेरेपिस्ट और क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट

पारस हॉस्पिटल, गुड़गांव

डिग्री- एमए, एमफील- क्लीनिकल साइकोलॉजी, पीएचडी

अनुभव- 16 वर्ष से अधिक 

इन दिनों कई लोग तनाव का शिकार हो रहे हैं लेकिन एक बुरी आदत उनके साथ जुड़ी हुई है, वो यह है कि वे स्वीकार ही नहीं पा रहे हैं कि वे तनाव का शिकार हो चुके हैं, अपने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बरतते हैं। ऐसे में आगे चलकर यह समस्या और भी विकराल हो जाती है, अपने आसपास के माहौल को देखकर दिन-ब-दिन मानसिक रूप से अस्वस्थ होते जा रहे हैं। ऐसे में बहुत जरूरी है कि यदि आप किसी और की बात को नहीं मान रहे हैं तो खुद से अपने लक्षणों पर ध्यान दें। अगली स्लाइड्स में बताए गए लक्षणों से पता करें कि कहीं आपको भी तो तनाव नहीं हो रहा है।                 

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अपने आप को व्यस्त रखें - फोटो : file photo

आपको लगता है कि आपकी दुनिया टूट रही है
इसे मल्टीप्ल  रिप्पल  इफेक्ट  कहा जाता है। ऐसे में आप आपके दोस्त, माता पिता, साथी और लोगों से घृणा करने लगते हैं, उनसे बिना बात के उलझ जाते हैं। यह खुद को समझने और अपने लिए समय निकलने का वक्त है। ध्यान दें कि आप अपनी नींद और भूख को संतुलित रखने के लिए क्या कर सकते हैं। अपने आप को व्यस्त रखें।  

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यह जीवनशैली ठीक नहीं है - फोटो : Pixabay

आप नींद और भूख के पैटर्न से परेशान हैं
बड़ी संख्या में मानसिक विकार नींद में गड़बड़ी के कारण होते हैं। यदि आप एक बार में सो नहीं पाते हैं या दिन में गहरी नींद सो रहे हैं  तो यह जीवनशैली ठीक नहीं है। ऐसे में शराब और कैफीन से बचें, हल्की शारीरिक गतिविधियाँ करें, आरामदायक संगीत सुनें। अपना रूटीन सही करने का प्रयास करें। 
 

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मेडिटेशन  शुरू करें - फोटो : सोशल मीडिया

आप अक्सर चीजों को भूल जाते हैं
यह आपके दिमाग से गुजरने वाली कई चीजों के कारण होता है जो ज्यादातर तनाव और चिंता का कारण होता है।  ध्यान का अभाव, ध्यान की कमी, भूलने की बीमारी और निर्णय लेने में कठिनाई, इन सब बातों को रोकने के लिए बुरे परिणामों की कल्पना करने से बचें, मेडिटेशन  शुरू करें, आप गार्डनिंग भी अपना सकते हैं। 

 

 

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हमारी  बॉडी  माइंड  से  जुड़ी  होती  है - फोटो : Pixabay

चिंता का अनुभव होना
आज के महामारी के समय में लाजमी  है  चिंता  होना।  हमारी  बॉडी  माइंड  से  जुड़ी  होती  है, तो  हमेशा  ध्यान  रखें  कि अगर आपका मस्तिष्क सतर्क होगा तो  जो  भी  आप  देख और सुन रहे हैं उससे हृदयस्पंदन, पसीना, कांपने, ठंडी चमक, दूसरों के बारे में सोचने के साथ-साथ किसी बुरी बात को लेकर चिंतित होने जैसे लक्षण उत्पन्न होंगे जो कि  चिंता का मुख्य कारण है। 

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अधिक नाराज करती है - फोटो : social media

छोटी-छोटी बातें आपको परेशान करती हैं।
कोई भी छोटी से छोटी बात आपको सामान्य की तुलना में अधिक नाराज करती है। ऐसे समय में एक मिनट के लिए आंखें बंद करो और अपने जीवन और अपने आसपास की दुनिया में चल रही चीजों के बारे में सोचो और पॉजिटिव बातों को मन में लाएं। यह सुनिश्चित करें कि आप सब कुछ ठीक कर सकती हैं।

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निश्चित रूप से चिंता का विषय है - फोटो : Pixabay

 आत्मघात के विचार
यह एक चेतावनी घंटी है जिस पर आपको तुरंत काम करना चाहिए। अगर कभी कभी आप खुद को शारीरिक रूप से नुकसान पहुँचाने की इच्छा महसूस करते हैं, तो निश्चित रूप से चिंता का विषय है। अगर आपका खुद को नुकसान पहुंचाने का व्यवहार किसी खास क्रम का पालन करता है, जैसे खाने से संबंधित असामान्यता तब भी चिकित्सक को सबसे पहले दिखाएं। 

नोट- यह लेख पारस हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट साइकोथेरेपिस्ट डॉक्टर प्रीति सिंह से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर प्रीति सिंह पिछले सोलह वर्ष से अधिक से प्रैक्टिस कर रही हैं। उन्होंने अपनी डिग्रियां नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यू साइंसेस, बैंगलोर और पंजाब विश्वविद्यालय से ली है। 

 

अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

 

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