गर्भधारण में होने वाली दिक्कतें
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मेनोपॉज की उम्र में गर्भधारण और इसकी जटिलताएं
डॉ दीप्ति बताती हैं, आईवीएफ दुनियाभर में काफी लोकप्रिय है लेकिन उम्र बढ़ने के साथ इसकी सफलता दर कम हो सकती है। मेनोपॉज की उम्र में गर्भधारण की स्थिति में गर्भपात (मिसकैरेज) का खतरा अधिक होता है, ये बच्चे में क्रोमोसोमनल समस्याओं का भी कारण बन सकती है। इन जटिलताओं को ध्यान में रखते हुए 50 से अधिक उम्र की महिलाओं में आईवीएफ से पहले दवाइयों और हार्मोनल थेरेपी के माध्यम से गर्भाशय को तैयार किया जाता है।
डॉक्टर बताती हैं, मेनोपॉज की उम्र में क्रोनिक बीमारियों जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज का खतरा भी अधिक होता है जिसके कारण भी जन्म से संबंधित दिक्कतें अधिक हो सकती हैं। डोनर एग से गर्भधारण के बाद भी गर्भधारण 'हाई रिस्क' वाला ही होता है।