अधिक वजन या मोटापा की समस्या, स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंताकारक स्थिति हो सकती है। इसे कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों का कारक भी माना जाता है। अध्ययनकर्ताओं ने बताया, जिन लोगों का वजन सामान्य से अधिक होता है उनमें डायबिटीज, हृदय रोग और हार्ट अटैक जैसी क्रोनिक बीमारियों और जानलेवा समस्याओं का खतरा अधिक हो सकता है।
हालिया अध्ययन में विशेषज्ञों ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि दुनियाभर में जिस प्रकार से सभी उम्र के लोगों में मोटापे की दिक्कत बढ़ती जा रही है, इसने भविष्य में कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा दिया है। सभी लोगों को अपने वजन को कंट्रोल करने के उपाय करते रहना चाहिए।
मोटापे के बढ़ते जोखिमों को लेकर हाल ही में किए गए अध्ययन की रिपोर्ट काफी चिंताजनक है।
द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित विश्लेषण के अनुसार, दुनियाभर में मोटापे से ग्रस्त बच्चों, किशोरों और वयस्कों की कुल संख्या एक बिलियन (एक अरब) से अधिक हो गई है। शोधकर्ताओं ने कहा, साल 1990 के बाद से कम वजन वाले लोगों की घटती व्यापकता के साथ अधिकांश देशों में मोटापा के शिकार लोगों की संख्या काफी बढ़ी है। बच्चों के साथ-साथ बुजुर्ग भी इसके शिकार देखे जा रहे हैं। अधिक वजन की स्थिति सभी लोगों के लिए समस्याकारक हो सकती है।