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Scrub Typhus: तेजी से फैल रही ये बीमारी, दिल्ली से सटे राज्यों में बढ़ा खतरा

Fri, 29 Sep 2023 03:29 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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स्क्रब टाइफस के मामले (सांकेतिक) - फोटो : Twitter
चिगर्स के काटने से फैलने वाले स्क्रब टाइफस रोग के मामले देश के कई राज्यों में तेजी से बढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र, ओडिशा, शिमला सहित देश के कई हिस्सों में संक्रमितों के मामले तेजी से बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्क्रब टाइफस के केस ज्यादातर ग्रामीण और जंगली क्षेत्रों से देखे जाते रहे हैं, इसकी मृत्युदर काफी गंभीर समस्याकारक हो सकती है। समय पर रोग का निदान और इलाज न हो पाने की स्थिति में मृत्युदर 30-35 फीसदी के बीच हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को इस रोग के जोखिमों को लेकर अलर्ट करते हैं। 

स्क्रब टाइफस, कीट के काटने से होने वाली संक्रामक बीमारी है। कथित तौर पर, संक्रमण के कारण ओडिशा के कई जिलों में हाल के हफ्तों में कम से कम पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य लोगों में संक्रमण की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। ओडिशा में 250 और महाराष्ट्र में 325 से अधिक लोगों में संक्रमण की पु्ष्टि की जा चुकी है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान में भी स्क्रब टाइफस के जोखिमों को लेकर अलर्ट किया गया है। 
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स्क्रब टाइफस के कारण होने वाली समस्या - फोटो : istock
स्क्रब टाइफस और इसके लक्षण

स्क्रब टाइफस को बुश टाइफस भी कहा जाता है, क्योंकि यह आमतौर वनस्पति वाले क्षेत्रों, जैसे झाड़ियों, जंगलों और घास वाले इलाकों में रहने वाले लोगों में अधिक देखा जाता रहा है। डॉक्टर कहते हैं, इस संक्रमण के कारण स्वास्थ्य विभाग पर दबाव बढ़ने का खतरा हो सकता है, जिससे बचाव के लिए सभी लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। इसके लक्षणों को जानना, समय रहते रोग का इलाज कराना आवश्यक हो जाता है। आइए इस रोग के बारे में कुछ आवश्यक बातें जानते हैं।
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स्क्रब टाइफस रोग के बारे में जानिए - फोटो : iStock
एक से दूसरे इंसान में नहीं होता है संक्रमण

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्क्रब टाइफस के मामले सिर्फ संक्रमित कीट चिगर्स के काटने से ही इंसानों में होता है। कोरोना या फ्लू जैसे संक्रमण की तरह इसके एक व्यक्ति से दूसरे में फैलने का खतरा नहीं होता है। स्क्रब टाइफस के मामले शहरी क्षेत्रों में भी हो सकते हैं, हालांकि यहां मामले कम देखे जाते रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं जोखिमों को देखते हुए सभी लोगों के रोग से बचाव के उपाय करते रहना चाहिए।

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फ्लू जैसे लक्षण - फोटो : iStock
शुरुआत में फ्लू जैसे ही होते हैं लक्षण

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, स्क्रब टाइफस के मामलों में शुरुआती स्थिति में संक्रमित में फ्लू जैसे लक्षण देखे जाते हैं, जिसमें बुखार के साथ ठंड लगने, सिरदर्द-मांसपेशियों में दर्द होता है जिसके कारण आप लक्षणों को लेकर भ्रमित हो सकते हैं। अगर समय पर समस्या का निदान न किया जाए और संक्रमण बढ़ने लगे तो जिस स्थान पर कीट ने काटा होता है वहां पर काला निशान हो सकता है। संक्रमण की गंभीर स्थिति कोमा और मानसिक स्वास्थ्य विकारों के जोखिम के भी बढ़ाने वाली मानी जाती है।  
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संक्रामक रोग से बचाव के लिए करें उपाय - फोटो : iStock
किन उपायों के अपनाकर संक्रमण से करें बचाव

कुछ सावधानियां बरतकर आप संक्रमण से बचाव के लिए उपाय कर सकते हैं। इसके लिए जिन स्थानों पर इन दिनों संक्रमण का जोखिम अधिक हो वहां पर जाने से बचें। बाहर जाते समय स्क्रब टाइफस के संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए सुरक्षात्मक कपड़े पहनें, कीटों से बचाव के लिए उपाय करें और यदि आपको लक्षणों का शक हो तो तुरंत किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क कर इसका उपचार प्राप्त करें। 



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नोट: यह लेख विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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