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मूत्र में झाग दिखाई देना है इस बीमारी का संकेत, विशेषज्ञ बताते हैं ये कारण

Mon, 19 Apr 2021 02:29 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रारंभिक लक्षण के रुप में मूत्र में झाग दिखाई देता है - फोटो : Social Media

Medically reviewed by Dr. Nirmesh Agrawal
डॉ. निर्मेश अग्रवाल, डायबिटीज रोग विशेषज्ञ,

सिद्धि विनायक डायबिटीज सेंटर, रायपुर

डिग्री- एम.बी.बी.एस, पी.जी.डी

अनुभव-पांच वर्ष

मूत्र की मात्रा, रंग और गंध से हमारी सेहत में किसी भी तरह की गड़बड़ी का संकेत मिलता है। मूत्र का असामान्य रंग कई अलग-अलग स्थितियों, संक्रमण, बीमारी, दवाओं या आपके द्वारा खाए जाने वाले भोजन का परिणाम हो सकता है लेकिन डायबिटीज के मरीजों को प्रारंभिक लक्षण के रुप में मूत्र में झाग दिखाई देता है। अगली स्लाइड्स से जानिए क्यों आने लगता है मूत्र में झाग। 

 

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शरीर में पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता है - फोटो : सोशल मीडिया

डायबिटीज के कारण मूत्र में झाग बनना कैसे संभव है?
डायबिटीज लंबे समय तक क़ायम रहने वाली बीमारी है, और खून में शर्करा की मात्रा बहुत अधिक हो जाने पर यह समस्या उत्पन्न होती है। डायबिटीज से पीड़ित लोगों के शरीर में पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता है या शरीर इंसुलिन का प्रभावी रूप से उपयोग नहीं कर पाता है। ऐसा होने पर शरीर में ब्लड शुगर का स्तर काफी बढ़ जाता है। शरीर की किडनियाँ खून को साफ करने तथा गंदगी को बाहर निकालने के लिए जिम्मेदार होती हैं, और शर्करा (शुगर) की अतिरिक्त मात्रा इस अतिरिक्त तरल पदार्थ के जरिए फिल्टर होती है। यही अतिरिक्त शर्करा (शुगर) फिर मूत्र के जरिए बाहर निकलती है, जिससे मूत्र में झाग बनता है, या यहां तक कि इससे मीठी या फल की गंध आती है।

 

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थकान और सुस्ती - फोटो : social media

मूत्र में झाग बनने के अलावा डायबिटीज के अन्य प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं: 

-लगातार पेशाब आना

-बार-बार प्यास लगना या भूख लगना

-थकान और सुस्ती

-धुंधला दिखाई देना

-हाथों एवं पैरों में झुनझुनी और सुन्नता

 

 

 

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यह समस्या डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत आम है - फोटो : Pixabay

डायबिटीज में मूत्र में झाग बनने की समस्या 
टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज में, लोगों को कई कारणों से मूत्र में झाग बनने की समस्या का अनुभव हो सकता है। यह समस्या डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत आम है लेकिन इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। कुछ लोगों के लिए मूत्र में झाग बनना डायबिटीज का पहला संकेत हो सकता है। 

 

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डायबिटीज की वजह से किडनी पर बहुत अधिक दबाव पड़ता है - फोटो : social media

किडनी की गंभीर बीमारी
डायबिटीज से पीड़ित लगभग 4 में से 1 वयस्क को किडनी की बीमारी होती है। डायबिटीज की वजह से किडनी पर बहुत अधिक दबाव पड़ता है, जिससे किडनी की गंभीर बीमारी हो सकती है। किडनी की बीमारी वाले लोगों के मूत्र में प्रोटीन मौजूद हो सकता है, और मूत्र में प्रोटीन की मौजूदगी के कारण मूत्र में झाग बन सकता है।

 

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महिलाओं में इसकी संभावना ज्यादा होती है - फोटो : social media

मूत्र मार्ग में (यूरिनरी ट्रैक्ट) इन्फेक्शन
डायबिटीज की वजह से यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन होने की संभावनाएं बढ़ जाती है, खासकर महिलाओं में इसकी संभावना ज्यादा होती है। यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन होने की स्थिति में सफ़ेद रक्त कोशिकाओं के कारण मूत्र में झाग बन सकता है, जिसे आपका शरीर इन्फेक्शन से लड़ने के लिए भेजता है।

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समय पर अपने डॉक्टर से संपर्क करें - फोटो : सोशल मीडिया

अन्य बीमारियों का भी हो सकता है संकेत
मूत्र में झाग बनने की समस्या कई अन्य वजहों से भी उत्पन्न हो सकती है जिसका डायबिटीज से कोई संबंध नहीं होता है। अगर आपको ऐसा लगता है कि यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है, तो समय पर अपने डॉक्टर से संपर्क करें। आपके मूत्र का रंग, गंध और गाढ़ापन आपको और आपके डॉक्टर को इस बात का संकेत दे सकते हैं कि आपके शरीर के भीतर किस तरह की गड़बड़ी मौजूद है।

नोट- यह लेख सिद्धि विनायक डायबिटीज सेंटर के डॉक्टर निर्मेश अग्रवाल, डायबिटीज रोग विशेषज्ञ बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर निर्मेश अग्रवाल पिछले पांच सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। वे सुयश हॉस्पिटल, रायपुर में भी अपनी सेवाएं देते हैं। उन्होंने अपनी डिग्रियां हैदराबाद एवं अमेरिका से ली है। 
अस्वीकरण-अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

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