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Harvard Study: हृदय रोग और डिमेंशिया से बचाएगा ऐसा भोजन, कम हो जाएगा मौत का खतरा

Sat, 11 May 2024 07:26 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हृदय रोगों के जोखिम कारक - फोटो : istock
आहार को स्वस्थ-पौष्टिक रखना बेहतर सेहत के लिए जरूरी माना जाता है। आहार विशेषज्ञ कहते हैं- हरी पत्तेदार सब्जियों-मौसमी फलों के साथ दैनिक आहार में नट्स और सीड्स को शामिल करके सेहत को ठीक रखा जा सकता है।

इसी से संबंधित एक हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने खाने के तेल में बदलाव करने की सलाह दी है।


हार्वर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने बताया-

 
अगर आप खाने के लिए अन्य तेलों की जगह ऑलिव ऑयल (जैतून के तेल) को शामिल कर लेते हैं तो इस एक बदलाव से कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ पाए जा सकते हैं। ऑलिव ऑयल न सिर्फ आपके हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक है साथ ही इससे डिमेंशिया और इसके कारण होने वाले मौत के खतरे को भी कम किया जा सकता है।

इसी से संबंधित एक हालिया शोध में वैज्ञानिकों की टीम ने बताया कि प्रतिदिन लगभग एक चम्मच जैतून के तेल का सेवन डिमेंशिया के कारण मृत्यु के जोखिम को लगभग 30 प्रतिशत तक कम कर सकती है। इसके अलावा हृदय रोगियों की सेहत को ठीक रखने और हार्ट अटैक जैसे गंभीर रोगों के खतरे से बचाने में भी इससे लाभ पाया जा सकता है।
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ऑलिव ऑयल - फोटो : istock
डिमेंशिया रोगियों के लिए फायदेमंद है ऑलिव ऑयल

हार्वर्ड विश्वविद्यालय सहित शोधकर्ताओं की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने ऑलिव ऑयल के सेवन से मस्तिष्क को होने वाले फायदों के बारे जानने की कोशिश की। इसके लिए  28 वर्षों तक अमेरिका में 92,000 से अधिक वयस्कों के डेटा का अवलोकन किया गया।


शोध के आधार पर अध्ययन के लेखकों ने कहा- 

प्रतिदिन कम से कम सात ग्राम ऑलिव ऑयल का सेवन करने से डिमेंशिया के कारण मृत्यु का जोखिम 28 प्रतिशत कम हो सकता है। महिलाओं में इसके विशेष लाभ देखे गए हैं। 

डिमेंशिया उन बीमारियों का समूह है जिसमें याद रखने, सोचने और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो जाती है। समय के साथ इसके कारण जीवन की गुणवत्ता पर भी नकारात्मक असर होने का खतरा रहता है। 
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ऑलिव ऑयल से होने वाले फायदे - फोटो : istock
अध्ययन में क्या पता चला?

द जर्नल ऑफ अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन (जेएएमए) नेटवर्क ओपन में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया-

 
हृदय स्वास्थ्य के साथ-साथ शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि ऑलिव ऑयल का सेवन संज्ञानात्मक शक्ति को बेहतर रखने में भी मदद करती है। अध्ययन में पाया गया है कि ऑलिव ऑयल के नियमित सेवन से हृदय रोग और डिमेंशिया दोनों के कारण होने वाले मृत्यु का जोखिम कम हो सकता है।

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हृदय रोग का खतरा - फोटो : istock
इंफ्लामेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस में इसके लाभ

पिछले अध्ययनों से पता चला है कि ऑलिव ऑयल में मौजूद यौगिक, विशेष रूप से एक्स्ट्रा-वर्जिन ऑलिव ऑयल का सेवन शरीर में इंफ्लामेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मददगार है। लेखकों ने शोध के निष्कर्ष के आधार पर बताया कि ये मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह में सुधार करने में भी सहायक है। अल्जाइमर-डिमेंशिया के रोगियों में मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह बाधित हो जाना एक प्रमुख कारक रहा है। 
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हृदय रोगों से बचाव के लिए क्या करें? - फोटो : istock
हृदय रोगों का कम होता है खतरा

ऑलिव ऑयल से होने वाले स्वास्थ्य लाभ को जानने के लिए अमेरिकन हार्ट ऑर्गनाइजेशन द्वारा किए गए एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि प्रतिदिन आधा चम्मच जैतून के तेल का सेवन करने से हृदय रोगों का खतरा कम हो सकता है।

शोधकर्ताओं ने बताया कि जो लोग प्रतिदिन आधा चम्मच से अधिक मात्रा में इस तेल का सेवन करते थे उनमें हृदय रोग, अल्जाइमर रोग और अन्य कारणों से समय से पहले मौत की दर उन लोगों की तुलना में कम थी, जिन्होंने कभी भी ऑलिव ऑयल का सेवन नहीं किया। इस तेल में मौजूद तत्वों को कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर जैसे हृदय रोगों के प्रमुख कारकों को कम करने वाला भी पाया गया था।



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स्रोत और संदर्भ
Consumption of Olive Oil and Diet Quality and Risk of Dementia-Related Death


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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