दुनियाभर में तेजी से बढ़ती क्रोनिक बीमारियों के लिए मोटापा या अधिक वजन की स्थिति को प्रमुख जोखिम कारक माना जाता है। दुर्भाग्यवश साल-दर-साल ये समस्या बढ़ती ही जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक हालिया रिपोर्ट परेशान करने वाली तस्वीर पेश करती है। रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक स्तर पर हर आठ में से एक व्यक्ति मोटापे की श्रेणी में आता है।
विशेषज्ञों ने कहा, मोटापा सिर्फ एक कॉस्मेटिक चिंता नहीं है, यानी कि इससे सिर्फ शरीर की बनावट ही खराब नहीं होती है बल्कि इसे कई गंभीर और क्रोनिक बीमारियों का प्रमुख कारक भी माना जाता है।
डॉक्टर बताते हैं, जिन लोगों को मोटापे की समस्या है उनमें मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, जोड़ों के विकारों के साथ कुछ प्रकार के कैंसर का भी खतरा बढ़ जाता है। आंकड़े ये भी बताते हैं कि दुनिया की बड़ी आबादी अधिक वजन के कारण कई गंभीर बीमारियों के चपेट में है, जिससे संभावित रूप से जीवन की गुणवत्ता और जीवन प्रत्याशा में गिरावट आने का खतरा है।