प्रतीकात्मक तस्वीर
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घी या तेल की मालिश
आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. रमाकांत द्विवेदी कहते हैं, जिन बच्चों की जठराग्नि बचपन से ही मंद होती है, उनकी पाचन क्रिया धीमी होती है और मल त्याग करने में दिक्कत आती है। अगर ऐसा है तो इस में घी या तेल की मालिश बहुत ही कारगर है, पेट या नाभि के आस-पास क्लॉक वाइज मालिश करने से आंतें खुलती हैं और स्टूल ढीला होता है, इसके अलावा गुनगुने पानी में नींबू और शहद मिलाकर पीने को दे सकती हैं और इसमें सिकाई भी बहुत काम आती है। कई बार बच्चे ज्यादा कुछ करना या खाना नहीं चाहते, ऐसे में पेरेंट्स को ही उसके उपाय करने होते हैं।
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