जिन कंपनियों का काम 24 घंटे का होता है वहां आमतौर पर कर्मचारियों को दो पाली में काम करना होता है- दिन पाली और रात पाली। काम के सुचारू ढंग से जारी रहने के लिए यह व्यवस्था आवश्यक होती है, पर क्या आप जानते हैं अलग-अलग पालियों में काम करने का शरीर पर क्या प्रभाव पड़ सकता है? वैज्ञानिकों ने इसी से संबंधित एक हालिया शोध में बड़ा खुलासा किया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि जो लोग ज्यादातर रात की पाली में काम करते हैं, उनमें हृदय रोगों के विकसित होने का खतरा अधिक होता है। मतलब, सेहत के लिहाजे से रात पाली में काम करने को विशेषज्ञ नुकसानदायक मानते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय शोधकर्ताओं की एक टीम के नेतृत्व में किए गए अध्ययन से पता चला है जो लोग रात की पाली में ज्यादा काम करते हैं उनमें अक्सर असामान्य रूप दिल के धड़कन के तेज होने की समस्या विकसित होने का खतरा रहता है। इस स्थिति को मेडिकल की भाषा में 'एट्रियल फाइब्रिलेशन' के नाम से जाना जाता है। यह स्थिति हृदय से संबंधित गंभीर जटिलताओं के विकसित होने का कारण बन सकती है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि नाइट शिफ्ट किस तरह से हृदय के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है?