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Guidelines For Doctors: डॉक्टर्स के साइनबोर्ड-विजिटिंग कार्ड पर हो सही जानकारी, किसी भी तरह गुमराह न हों मरीज

Sat, 07 Oct 2023 03:54 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डॉक्टर्स के लिए गाइडलाइंस - फोटो : Istock
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने डॉक्टरों की विश्वसनीयता को बनाए रखने के नए सुझाव जारी किए हैं, जिसमें कहा गया है कि डॉक्टरों को असामान्य रूप से बड़े साइनबोर्ड का उपयोग नहीं करना चाहिए। साइनबोर्ड पर अपने नाम, योग्यता, उपाधि, विशेषता या पंजीकरण संख्या के अलावा कुछ अतिरिक्त नहीं लिखा जाना चाहिए, साथ ही इस बात का भी ध्यान रखना आवश्यक है कि जो चीजें साइनबोर्ड पर लिखी हों वही प्रिस्क्रिप्शन पेपर पर भी होनी चाहिए। रोगियों को डॉक्टर के बारे में पारदर्शी रूप से पता होना चाहिए, जिससे उनके लिए विशेषज्ञ के बारे में समझना आसान हो।

एनएमसी के एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड (ईएमआरबी) ने अपनी ई-बुक: "प्रोफेशनल कंडक्ट रिव्यू - लेसन्स फ्रॉम केस आर्काइव्स" में ये सुझाव दिए हैं। इसमें कहा गया है कि डॉक्टर्स के साइनबोर्ड को किसी केमिस्ट की दुकान पर या उन जगहों पर लगाना भी अनुचित है जहां वह रहते या काम नहीं करते हैं।
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राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) - फोटो : iStock
मरीजों-डॉक्टरों के बीच मजबूत हो रिश्ता
 
ई-बुक में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि मरीजों और डॉक्टरों के बीच का रिश्ता मजबूत होना चाहिए। डॉक्टर-मरीज के रिश्ते में विश्वास की कमी के कारण डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमेबाजी होती है, डॉक्टरों के खिलाफ शिकायतों का सबसे आम कारण मरीजों से संवाद की कमी होती है। आयोग ने कहा कि इस बात का भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि साइनबोर्ड, विजिटिंग कार्ड, घोषणाओं आदि के माध्यम से जनता किसी भी प्रकार से गुमराह न हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए।
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डॉक्टर्स और एथिक्स - फोटो : iStock
सभी न लिखें खुद को विशेषज्ञ

चिकित्सक, मेडिकल से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों में कौशल और प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन विशेषज्ञ लिखने का अधिकार सिर्फ उन्हीं को होना चाहिए जिन्होंने इस खास विषय में प्रशिक्षण प्राप्त किया हो। एनएमसी के एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड के सदस्य डॉ. योगेन्द्र मलिक ने कहा, डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत के मामलों को देखते हुए इन सुझावों की आवश्यकता महसूस हो रही है, पर मरीजों को भी बात-बात पर शिकायत नहीं करना चाहिए।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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