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World Hypertension Day 2022: हाई ब्लड प्रेशर के इन मिथ्स पर कहीं आप भी तो नहीं करते हैं यकीन? जानिए क्या है हकीकत

Sun, 15 May 2022 07:08 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : Pixabay
हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन, पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। मेडिकल साइंस में इसे 'साइलेंट किलर' डिजीज के तौर पर वर्गीकृत किया गया है, यानी कि यह समस्या शरीर में कई अन्य बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकती है।  हाई ब्लड प्रेशर को हृदय रोगों का प्रमुख कारक भी माना जाता है।

भारत में भी हाइपरटेंशन की समस्या पिछले कुछ वर्षों में काफी तेजी से बढ़ती हुई देखी गई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो लगभग 33% शहरी और 25% ग्रामीण आबादी उच्च रक्तचाप से ग्रस्त हैं। ग्रामीण इलाकों में हर दस में से एक और शहरी आबादी में पांच में से एक व्यक्ति ही रक्तचाप की समस्या को कंट्रोल कर पाने में सफल है। तेजी से बढ़ती इस वैश्विक बीमारी के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे मनाया जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक आहार और जीवनशैली में गड़बड़ी के कारण उच्च रक्तचाप की समस्या तेजी से बढ़ती हुई देखी गई है।  इसके अलावा लोगों में हाइपरटेंशन को लेकर गलत जानकरियों ने समस्या को और भी बढ़ा दिया है। हाइपरटेंशन से जुड़े कई मिथ्स को तो हम में से ज्यादातर लोग वर्षों से सही मानते आ रहे हैं। आइए ऐसे ही कुछ मिथ्स और उनकी वास्तविकता के बारे में जानते हैं। 
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हाई ब्लड प्रेशर का खतरा - फोटो : Pixabay
मिथ: उच्च रक्तचाप, उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या है, इससे युवाओं में कोई खतरा नहीं है।

उच्च रक्तचाप को अक्सर वृद्धावस्था की समस्या के तौर पर जाना जाता रहा है, हालांकि पिछले एक दशक में जिस तरह से जीवनशैली और आहार संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ती हुई देखी गई हैं, ऐसे में अब कम उम्र के लोगों में भी इसका खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। अध्ययनों से पता चलता है कि उच्च रक्तचाप की समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। गतिहीन जीवनशैली और आहार का ध्यान न देने वाले युवाओं में उच्च रक्तचाप की संभावना अधिक होती है।
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हाइपरटेंशन को कैसे ठीक करें - फोटो : Pixabay
मिथ: हाई ब्लड प्रेशर बिना दवाइयों के ठीक हो सकता है।

सामान्यतौर पर लोग हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को अनदेखा कर देते हैं। पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर आपको अक्सर हाइपरटेंशन की दिक्कत बनी रहती है तो डॉक्टर के सुझाव के अनुसार दवा लेते रहना चाहिए और नियमित रूप से फॉलो-अप के लिए भी जाना चाहिए। उच्च रक्तचाप, जीवनभर बनी रहने वाली समस्याओं में से एक है, इसलिए, जब आप स्वयं से दवाएं लेना बंद कर देते हैं, तो रक्तचाप फिर से बढ़ सकता है। इसलिए बिना डॉक्टरी सलाह के दवाइयों को बंद नहीं करना चाहिए।

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हाई ब्लड प्रेशर मिथ्स - फोटो : iStock
मिथ: उच्च रक्तचाप सामान्य है, इससे परेशान होने की जरूर नहीं है।

उच्च रक्तचाप की समस्या पिछले कुछ वर्षों में काफी आम हो गई है, शायद यही कारण है कि इसे काफी सामान्य माना जाने लगा है। हालांकि इसके कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। यदि रक्तचाप अनियंत्रित बना रहता है तो इसके कारण हृदय और रक्त वाहिकाओं को गंभीर क्षति होने के साथ किडनी और लिवर जैसे अंगों की समस्याएं बढ़ सकती हैं। रक्तचाप का अक्सर बढ़ा रहना हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्याओं का भी कारण बन सकता है, ऐसे में इसे गंभीरता से लिए जाने की आवश्यकता है। 
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हाइपरटेंशन को नियंत्रित कैसे करें? - फोटो : istock
मिथ: हाई ब्लड प्रेशर को ठीक नहीं किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यह सच है कि हाई ब्लड प्रेशर को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है, हालांकि जीवनशैली और आहार में बदलाव करके इसे नियंत्रित जरूर रखा जा सकता है। उच्च रक्तचाप को कंट्रोल रखने के लिए वजन को कंट्रोल रखने, आहार की पौष्टिकता का ध्यान रखने और  जंक, मसालेदार, तैलीय खाद्य पदार्थों से परहेज करना बेहतर विकल्प माना जाता है। इन बातों का ध्यान रखकर आसानी से हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। अमर उजाला इस दावे की पुष्टि नहीं करता है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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