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Covid-19: नए वैरिएंट्स से संक्रमण का संकेत हो सकते हैं ये अजीबो-गरीब लक्षण, अक्सर इन्हें कर दिया जाता है अनदेखा

Sun, 15 May 2022 06:16 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना संक्रमण के अजीबो-गरीब लक्षण - फोटो : istock
वैश्विक स्तर पर जारी कोरोना महामारी के चलते लोगों में स्वास्थ्य संबंधी कई तरह की गंभीर समस्याएं देखने को मिली हैं। वायरस ने श्वसन तंत्र के साथ फेफड़े, हृदय, मस्तिष्क, मानसिक स्वास्थ्य जैसी कई जटिलताओं को काफी बढ़ा दिया है। संक्रमण के साथ-साथ, ठीक होने के बाद भी लंबे समय तक बनी रहने वाली लॉन्ग कोविड की समस्याएं, स्वास्थ्य संगठनों और चिकित्सकों के लिए मुसीबत बढ़ा रही हैं। मौजूदा समय में दुनियाभर में कोरोना के ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स के कारण संक्रमण के मामले काफी तेजी से बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जा रहे हैं। भारत में भी इन वैरिएंट्स ने एक बार फिर से संक्रमण के आंकड़ों को बढ़ा दिया है।

कोरोना महामारी की शुरुआत में जहां वायरस को मुख्यरूप से श्वसन से संबंधित माना जा रहा था वहीं इसके नए स्ट्रेन्स के कारण शरीर के कई अन्य अंगों पर दुष्प्रभाव बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। कोरोना वायरस का संक्रमण न्यूरोलॉजिकल विकारों को बढ़ाने के साथ मस्तिष्क, फेफड़े और हृदय के गंभीर रोगों को बढ़ाता हुआ भी देखा जा रहा है। अध्ययन में शोधकर्ताओं का कहना है कि संक्रमण के दौरान और ठीक होने के बाद भी लोगों को लक्षणों की विशेष निगरानी करते रहना चाहिए। 

सर्दी-जुकाम, नाक बहने, गले में खराश, बुखार, कमजोरी और सिरदर्द को वैसे तो कोविड-19 का सामान्य लक्षण माना जाता रहा है, हालांकि कुछ लोगों में संक्रमण की स्थिति में कई तरह की विचित्र समस्याएं भी देखी जा रही हैं। आइए आगे ऐसी ही कुछ समस्याओं के बारे में विस्तार से जानते हैं। 
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कोविड-19 और ड्राई आइज की समस्या - फोटो : Istock
संक्रमण में आंखों की समस्याएं

कोरोना संक्रमण को भले ही मुख्यरूप से श्वसन तंत्र से जोड़कर देखा जाता रहा हो, पर इसके कारण आंखों से भी संबंधित दिक्कतों ने लोगों को परेशान किया है। कोरोना संक्रमण के दौरान कई लोगों में पिंक आइज, कंजक्टिवाइटिस और ड्राई आइज जैसी समस्याएं देखने को मिलती रही हैं। ड्राई आइज के लिए कोरोना महामारी के दौरान बढ़े हुए स्क्रीन टाइम को जिम्मेदार माना जाता रहा है। संक्रमण की दूसरी और तीसरी लहर के दौरान लोगों में आंखों से संबंधित लक्षण अधिक देखे गए थे।
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कोविड-19 में हृदय की जटिलताएं - फोटो : istock
हृदय की समस्याएं

कोरोना महामारी की शुरुआत से ही संक्रमितों में हृदय और फेफड़े से संबंधित कई तरह की समस्याएं देखी जाती रही हैं। इसमें लोगों में हृदय गति की अनियमितता की समस्या सबसे आम रही है। हृदय की समस्याओं के साथ कुछ लोगों में किडनी और लिवर पर भी वायरस के दुष्प्रभाव देखने को मिले हैं। लॉन्ग कोविड की स्थिति में भी लोगों में हृदय से संबंधित कई तरह के लक्षण बने हुए देखे जा रहे हैं।

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संक्रमितों में बाल झड़ने की समस्या - फोटो : getty images
बाल झड़ने की दिक्कत

कोविड संक्रमण की स्थिति में कुछ लोगों में बाल झड़ने के लक्षण भी देखे गए हैं। एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि संक्रमण के दौरान शरीर की प्रतिक्रिया के कारण लोगों में बालों से संबंधित लक्षण देखने को मिल सकते हैं, हालांकि इस तरह की समस्या काफी कम देखी गई है। डेल्टा वैरिएंट से संक्रमण की स्थिति में बाल झड़ने जैसे लक्षणों की शिकायत ज्यादा देखी गई थी। 
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कोविड-19 और ब्रेन फॉग - फोटो : Pixabay
मस्तिष्क से संबंधित लक्षण

अध्ययन इस बात की पुष्टि करते हैं कि कोरोना वायरस ने फेफड़ों के साथ-साथ मस्तिष्क को भी काफी अधिक प्रभावित किया है, जिसमें लोगों में  ब्रेन फॉग की समस्या सबसे अधिक देखी गई। ब्रेन फॉग के अलावा कोविड संक्रमण के दौरान एकाग्रता में कठिनाई, याददाश्त की समस्या, दैनिक जीवन के कार्य करने में दिक्कत जैसी समस्याएं भी लोगों में नोटिस की गई है। यह समस्याएं लॉन कोविड की स्थिति में भी बनी रह सकती हैं। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। अमर उजाला इस दावे की पुष्टि नहीं करता है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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