फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

WHO: दक्षिण-पूर्व एशिया में करीब 30 करोड़ लोग इस गंभीर समस्या के शिकार, बढ़ सकता है हृदय रोगों का बोझ

Fri, 17 May 2024 06:03 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : istock
ब्लड प्रेशर की समस्या वैश्विक स्तर पर काफी तेजी से बढ़ती हुई देखी जा रही है, इसे हृदय रोगों का प्रमुख कारक माना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र उच्च रक्तचाप से प्रभावित लोगों की बढ़ती संख्या को लेकर चिंता जताई है। रिपोर्ट के अनुसार यहां लगभग 294 मिलियन (29.4 करोड़) लोग उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा उच्च रक्तचाप के कारण गंभीर हृदय रोगों का बोझ बढ़ सकता है, इसलिए इसे नियंत्रित करने के लिए शीघ्र ही उपयुक्त प्रयास किए जाने आवश्यक हैं। 

उच्च रक्तचाप, गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) का प्रमुख हिस्सा है। दक्षिण-पूर्व एशिया में डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक साइमा वाजेद ने शुक्रवार को कहा, ऐसा अनुमान है कि दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में तेजी से उच्च रक्तचाप की समस्या बढ़ती जा रही है। वैश्विक और राष्ट्रीय स्वास्थ्य लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उच्च रक्तचाप को रोकने और नियंत्रित करने के प्रयासों को मजबूत करने की जरूरत है। इस रोग के बढ़ते मामले भविष्य के लिए गंभीर जोखिमों की तरफ संकेत करते हैं।
विज्ञापन

2 of 4
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : istock
उच्च रक्तचाप के जोखिम कारकों पर दें ध्यान

रक्तचाप और इसके कारण होने जोखिमों को लेकर लोगों को सावधान करने के लिए इस वर्ष का थीम 'अपने रक्तचाप को सटीक रूप से मापें, इसे नियंत्रित करें, लंबे समय तक जीवित रहें' निर्धारित किया गया है।

डब्ल्यूएचओ ने आह्वान किया है कि उच्च रक्तचाप के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए नमक, तंबाकू और शराब का अधिक सेवन से बचना जरूरी है। अस्वास्थ्यकर आहार और शारीरिक निष्क्रियता के साथ तनाव और वायु प्रदूषण इसके प्रमुख जोखिम कारक हैं, जिसको लेकर सभी लोगों को निरंतर सावधानी बरतते रहना जरूरी है।
विज्ञापन

3 of 4
हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों का जोखिम - फोटो : istock
ज्यादातर लोग अपनी बीमारी से अनजान

डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक साइमा कहती हैं, ब्लड प्रेशर की समस्या का प्रारंभिक पहचान और नियंत्रण महत्वपूर्ण है। उच्च रक्तचाप वाले वयस्कों में से आधे को पता ही नहीं होता है कि वह इस स्थिति के शिकार हैं। ऐसे में ब्लड प्रेशर के कारण शरीर को निरंतर क्षति होती रहती है। आंकड़े बताते हैं कि छह में से लगभग एक व्यक्ति का रक्तचाप नियंत्रण में नहीं रहता है।

अनियंत्रित रक्तचाप की समस्या के कारण दिल का दौरा, स्ट्रोक, किडनी फेलियर जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है जो समय से पहले मृत्यु के जोखिमों को भी बढ़ाने वाली हो सकती है।
विज्ञापन

4 of 4
रक्तचाप को रखें कंट्रोल - फोटो : Freepik
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

उच्च रक्तचाप के बढ़ते खतरों को लेकर डब्ल्यूएचओ ने कहा, उच्च रक्तचाप के लिए किफायती स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच काफी सीमित है, जिससे रोगियों में समय पर इसका निदान और उपचार नहीं हो पाता है। हृदय रोग की रोकथाम और नियंत्रण के लिए रक्तचाप को कंट्रोल करने के प्रयास किए जाने सबसे आवश्यक हैं।

लाइफस्टाइल और आहार में बदलाव की मदद से रक्तचाप और इससे संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे से बचा जा सकता है।


--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें