फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कामयाबी: कोविड-19 की गंभीरता कम करने में कारगर साबित हुई यह दो दवाएं, अध्ययन में दिखे अच्छे परिणाम

Thu, 16 Sep 2021 01:44 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
कोरोना संक्रमण की दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के जारी कहर को कम करने के लिए वैक्सीनेशन की रफ्तार को तेज कर दिया गया है। टीकों के साथ वैज्ञानिक कोरोना की दवा को विकसित करने की दिशा में भी लगातार प्रयासरत हैं। भारत में पहले की आपात इस्तेमाल के लिए कोरोना की दवा '2डीजी' लॉन्च कर दी गई है। इसी बीच कोरोना के खतरे को कम करने के लिए एक और दवा के अध्ययन में भी वैज्ञानिकों को बड़ी कामयाबी मिली है। सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीडीआरआई) ने दावा किया है कि क्लिनिकल परीक्षण के दौरान कोविड-19 के उपचार में एंटीवायरल दवा, उमीफेनोविर के अच्छे परिणाम सामने आए हैं। 132 रोगियों पर किए गए इस परीक्षण में वैज्ञानिक कोविड-19 में उमीफेनोविर को बेहतरीन दवा बता रहे हैं। 
इसके अलावा यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया के वैज्ञानिकों ने गाउट के इलाज के लिए प्रयोग में लाई जा रही एक दवा को भी कोविड-19 में लाभकारी साबित होने का दावा किया है। नेचर्स साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि प्रोबेनेसिड नामक दवा में ऐसे एंटीवायरल गुण हैं, जो न केवल सार्स-सीओवी-2 संक्रमण बल्कि आरएसवी और फ्लू आदि में भी सुरक्षा दे सकती है। आइए आगे की स्लाइडों में इन दोनों दवाओं के बारे में विस्तार से जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
उमीफेनोविर दवा पर अध्ययन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
उमीफेनोविर दवा के देखे गए अच्छे परिणाम
उमीफेनोविर दवा को लेकर अध्ययन कर रहे सीडीआरआई के वैज्ञानिकों का दावा है कि यदि पांच दिनों तक प्रतिदिन दो बार इस दवा की उचित खुराक दी जाए तो यह कोविड के माइल्ड और मॉडरेट रोगियों में वायरल लोड को खत्म कर सकती है। इसके अलावा यह दवा शरीर में संक्रमण बढ़ने को भी कम करने में कारगर पाई गई है। लखनऊ के केजीएमयू, राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और एरा मेडिकल कॉलेज में इस दवा को लेकर किए गए अध्ययन में अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं। 
विज्ञापन

3 of 5
कोरोना की दवा के अच्छे परिणाम दिखे (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस पर असरदार है यह दवा
सीडीआरआई के निदेशक प्रोफेसर तापस कुंडू कहते हैं, उमीफेनोविर एक व्यापक स्पेक्ट्रम एंटीवायरल दवा है जो रूस, चीन सहित कई अन्य देशों में 20 से अधिक वर्षों से इन्फ्लूएंजा और निमोनिया के लिए प्रयोग में लाई जाती रही है। अध्ययन में पाया गया है कि यह दवा सार्स-सीओवी-2 के सेल कल्चर को प्रभावित करके वायरस को मानव कोशिकाओं में प्रवेश करने से रोकने में भी मदद कर सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि उमीफेनोविर, कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिए किफायती भी होगी क्योंकि यह वर्तमान दवाओं की तुलना में लगभग 54 प्रतिशत सस्ती है।

4 of 5
कोरोना में गाउट की दवा के लाभ (सांकेतिक) - फोटो : पिक्साबे
गाउट की दवा के कोविड-19 में दिखे गए लाभ
वहीं एक अन्य अध्ययन में वैज्ञानिकों ने गाउट की दवा प्रोबेनेसिड को भी कोविड-19 में लाभदायक साबित होने का दावा किया है। प्रोबेनेसिड, एफडीए द्वारा स्वीकृत दवा है जिसका मुख्य रूप से उपयोग गठिया के उपचार में किया जाता रहा है। वैज्ञानिक बताते हैं, कोरोना के वायरस मानव कोशिकाओं में प्रवेश करने के साथ ही अपनी प्रतिलिपि बनाना शुरू कर देते हैं। प्रोबेनेसिड दवा, वायरस के कोशिकाओं में बढ़ने की प्रक्रिया को रोकने में मदद कर सकती है, जिससे वायरल लोड बढ़ने का खतरा कम हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
संक्रमण को कम कर सकती हैं यह दवाएं - फोटो : getty images
श्वसन संक्रमण वाले वायरस पर प्रभावी साबित हुई है यह दवा
जार्जिया स्थित यूजीए कॉलेज ऑफ वेटरनरी मेडिसिन में प्रोफेसर और अध्ययन के प्रमुख लेखक राल्फ ट्रिप बताते हैं, श्वसन संक्रमण का कारण बनने वाले तमाम वायरस पर किए गए इस दवा के अध्ययन में अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं। आरएसवी, कोरोनावायरस और फ्लू, इन सभी की प्रकृति लगभग एक जैसी ही है। हमारे अध्ययन में पाया गया है कि यह दवा कोरोनावायरस के संक्रमण और बीमारी को संभावित रूप से कम करने में सहायक हो सकती है। 


----------------
नोट: यह लेख तमाम अध्ययनों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी दवा के सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर ले लें। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें