खसरा, छोटे बच्चों में होने वाला गंभीर संक्रामक रोग है, हालांकि वैक्सीनेशन और बचाव के उपायों में तेजी लाकर भारत में इस संक्रामक रोग की रफ्तार को काफी कम कर लिया गया है। अगस्त 2023 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 2017 से 2021 के बीच खसरे के मामलों में 62% की गिरावट आई है, यानी प्रति दस लाख की जनसंख्या पर ये मामले 10.4 से घटकर 4 रह गए थे। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन की हालिया रिपोर्ट में देश में खतरे के जोखिमों को लेकर एक बार फिर से चिंता जताई गई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2022 में भारत में अनुमानित 11 लाख बच्चों को खसरे के टीके की पहली खुराक नहीं मिली है। जिससे भारत उन दस देशों में शामिल हो गया, जहां महामारी के बाद भी खसरे के टीकाकरण में सबसे ज्यादा अंतर है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि टीकाकरण में कमी के कारण भारत में इस संक्रामक रोग का जोखिम बढ़ सकता है, इस दिशा में गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता है।