फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Heart Attack: रावण दहन के दौरान हुआ हार्ट अटैक, सीपीआर ने बचा ली जान; जानिए इस 'जीवन रक्षक' उपाय के बारे में

Sun, 13 Oct 2024 06:35 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
दशहरा के दौरान हार्ट अटैक - फोटो : viral video
हार्ट अटैक वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। पिछले कुछ वर्षों में आपने भी वर्कआउट के दौरान हार्ट अटैक, डांस करते हुए या किसी कार्यक्रम के दौरान हार्ट अटैक से मौत की कई खबरें देखी और सुनी होंगी। एक ऐसा ही मामला दशहरा में होने वाले रावण दहन कार्यक्रम के दौरान सामने आया है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रावण दहन के दौरान एक व्यक्ति को अचानक दिल का दौरा पड़ा। हार्ट अटैक के कारण व्यक्ति जमीन पर गिर गया। देखते-देखते भीड़ इकट्ठा हो गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसी दौरान स्थानीय एसीपी (एजेके) भी वहां पहुंचे और लक्षणों को देखते हुए तुरंत उन्होंने पीड़ित को सीपीआर दी जिससे उसकी जान बच गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। 

गौरतलब है कि सीपीआर को हार्ट अटैक जैसी जानलेवा स्थिति में 'जीवन रक्षक' उपाय माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हार्ट अटैक होने पर अगर समय रहते किसी व्यक्ति को सीपीआर दे दिया जाए तो इससे जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
विज्ञापन

2 of 5
हार्ट अटैक के मामले - फोटो : Freepik.com
सोशल मीडिया पर वायरल है वीडियो

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीपीआर के बाद पीड़ित खुद खड़ा हो गया और पुलिसकर्मियों ने उसे पास के अस्पताल में भर्ती कराया। सोशल मीडिया पर सीपीआर देने वाले अधिकारी की जमकर तारीफ की जा रही है।
 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को सीपीआर के तरीके के बारे में जानकारी होना आवश्यक है। जिस तरह से हार्ट अटैक के मामले बढ़ते जा रहे हैं ये तरीका जान बचाने में काफी मददगार हो सकता है। क्या आप सीपीआर के बारे में जानते हैं?
विज्ञापन

3 of 5
हार्ट अटैक होने पर क्या करना चाहिए? - फोटो : Freepik.com
हार्ट अटैक में बहुत महत्वपूर्ण होता है 'गोल्डन ऑवर' 

अमर उजाला से बातचीत के दौरान ओपोलो हॉस्पिटल में कार्डियोवस्कुलर सर्जन डॉ निरंजन हिरेमथ ने बताया, हार्ट अटैक की स्थिति में 'गोल्डन टाइम' बहुत महत्वपूर्ण है। ये दिल का दौरा पड़ने के बाद के पहले 60 मिनट होते हैं, जिसमें तत्काल चिकित्सा सहायता प्राप्त करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। हार्ट अटैक-कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में लक्षणों की समय पर पहचान कर सीपीआर देने से जान बचने की संभावना 60-70 फीसदी तक बढ़ जाती है।

4 of 5
सीपीआर से बच सकती है जान - फोटो : freepik.com
क्या है सीपीआर?

कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) एक जीवनरक्षक तकनीक है जो हार्ट अटैक जैसी आपात स्थितियों में जीवनरक्षक साबित हो सकती है। सांस या दिल की धड़कन रुक जाने की स्थिति में अगर समय रहते रोगी को सीपीआर दे दिया जाए तो मौत के खतरे को कम किया जा सकता है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के विशेषज्ञ कहते हैं, हार्ट अटैक की स्थिति में छाती को सही गति से दबाने की यह प्रक्रिया रक्त के संचार को ठीक रखने में मददगार हो सकती है। आइए जानते हैं कि सीपीआर को कैसे प्रयोग में लाया जाना चाहिए?
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
सीपीआर के बारे में जानिए - फोटो : Freepik.com
सीपीआर कैसे दी जाती है?

हार्ट अटैक की स्थिति में सीपीआर देकर शरीर के हिस्सों में रक्त के संचार के ठीक बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इसमें 100-120/मिनट की दर से छाती को दबाया जाता है। इसके लिए दोनों हाथों को इस प्रकार से जोड़ें जिससे हथेली का निचला हिस्सा छाती पर आए, इसे हथेली को छाती के केंद्र के निचले आधे हिस्से पर रखकर दबाएं। हाथों को एकदम सीधा रखें, जिससे सारा दबाव कंधों के माध्यम से पड़े। छाती को कम से कम 5 सेमी तक दबाएं।

 इस विधि शरीर के अंगों को ऑक्सीजन युक्त रक्त मिलता है और ऑर्गन फेलियर के खतरे को कम किया जा सकता है।



------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें