फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गर्भाशय में बनने वाली गांठ के क्या हैं कारण और खानपान के जरिए कैसे कर सकते हैं बचाव

Tue, 08 Oct 2019 02:37 PM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 9
महिलाओं में गर्भाशय में गांठों की समस्या आजकल बहुत तेजी से फैलती नजर आ रही है। इसे रसौली नाम से भी बहुत से लोग जानते हैं। रसौली की शुरुआत में यह बहुत ही छोटे दाने के रूप में रहती है और धीरे-धीरे इसका आकार बढ़ता जाता है। बहुत बार महिलाएं इस बीमारी के बारे में किसी से बात नहीं करती है और बहुत सी तकलीफों को सहन करती हैं। लेकिन इन गांठों को नजरअंदाज करना बहुत भारी पड़ सकता है क्योंकि ये आगे चलकर कैंसर का रूप ले सकता है। आइए जानें इन गांठों के कारण और बचाव।
विज्ञापन

2 of 9
- फोटो : social media
गर्भाशय में गांठ बनने के कारण
रसौली बनने के बहुत से कारण हो सकते हैं। इनमें एस्ट्रोजन हार्मोन का ज्यादा मात्रा में बनना या फिर कोई आनुवांशिक कारण हो सकता है। बहुत बार महिलाओं द्वारा ली जानी वाली गर्भ निरोधक गोलियों के कारण भी गर्भाशय में गांठे बनने लगती हैं। इसके अलावा मोटापा, खानपान का सही न होना, पीरियड्स सही समय पर न होना या फिर 40 के बाद मेनोपॉज की वजह से एस्ट्रोजन का स्त्राव बढ़ जाता है।

 
विज्ञापन

3 of 9
रसौली होने के लक्षण
मासिक धर्म में भारी रक्त स्त्राव, अनियमित मासिक चक्र, पेट के नीचे हिस्से में दर्द, प्राइवेट पार्ट से खून आना, एनीमिया, कमजोरी महसूस होना। इसके साथ ही अगर प्राइवेट पार्ट से बदबूदार डिस्चार्ज या पेशाब रुक-रुककर आना शामिल है। अगर शरीर में इस तरह के लक्षण दिखें तो फिर रसौली के संकेत हैं।

 

4 of 9
गर्भाशय में गांठ से बांझपन का खतरा
गर्भाशय में गांठ की वजह से अंडाण और शुक्राणु का निषेचन नहीं होने के कारण बांझपन की समस्या हो जाती है। आनुवांशिक रूप से होने वाला मोटापा भी इसका एक कारण है।

 
विज्ञापन

5 of 9
- फोटो : pixa
कैसे करें बचाव
अपने खानपान को सही रखकर, पानी पीने और एक्सरसाइज को दिनचर्या में शामिल करके महिलाएं इस समस्या से बच सकती हैं। साथ ही योग का भी बहुत फायदा होता है। खाने में इन चीजों का सेवन करने से गांठों से बचाव हो सकता है।
विज्ञापन

6 of 9
आंवला
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आंवला रसौली का एक बेहतरीन उपचार है। इसके लिए एक टीस्पून आंवला पाउडर और एक चम्मच शहद को मिलाकर सुबह खाली पेट खाने से फायदा होगा।

 
विज्ञापन

7 of 9
- फोटो : social media
ग्रीन टी का सेवन
इसमें मौजूद एपीगेलोकैटेचिन गैलेट नामक तत्व रसौली की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है इसलिए आप भी रोजाना 2 से 3 कप ग्रीन टी पिएं।

 

8 of 9
हल्दी
हल्दी में मौजूद एंटीबॉयोटिक गुण शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। साथ ही इससे गर्भाश्य कैंसर का खतरा भी कम होता है।

 
विज्ञापन

9 of 9
लहसुन
रसौली की समस्या होने पर खाली पेट रोज 1 लहसुन का सेवन करें। लगातार 2 महीने तक इसका सेवन इस समस्या को जड़ से खत्म कर देता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें