लिवर की कमजोरी की वजह से होने वाला पीलिया(Jaundice) की जांच के लिए एक नई तकनीक विकसित की गई है। इसके जरिए नवजात शिशुओं को छुए बगैर महज सात सेकेंड में इसकी जांच हो सकेगी। इसमें ब्लड टेस्ट यानी खून की जांच की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। नवजात शिशुओं में पीलिया का खतरा 60 फीसदी तक रहता है, जबकि प्री-मैच्योर्ड डिलीवरी यानी समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों में यह खतरा 70 फीसदी तक रहता है। दरअसल एक ऐसा उपकरण विकसित किया गया है, जो शिशु के नाखून पर प्रकाश की विशेष किरणें डालकर उसके ब्लड में बिलीरुबिन का स्तर बता देता है। इससे पता चल जाता है कि शिशु को पीलिया है या नहीं।