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Coronavirus vaccine: कोरोना वैक्सीन पर इस देश से आई बड़ी खबर, ट्रायल में 100 फीसदी सफल होने का किया दावा

Thu, 06 Aug 2020 03:08 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
क्या सच में रूस ने कोरोना की वैक्सीन बना ली है? रूस को छोड़कर बाकी दुनिया को ये सवाल लगातार खाए जा रहा है। रूस का दावा है कि उसने प्रभावी वैक्सीन विकसित कर ली है और उसकी वैक्सीन क्लिनिकल ट्रायल यानी मानव परीक्षण में 100 फीसदी सफल रही है। रूस का कहना है कि परीक्षण के दौरान वैक्सीन ने प्रभावी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) विकसित करने में सफलता पाई है। उसने बताया कि जिन लोगों को भी वैक्सीन की खुराक दी गई थी, उन सभी में वायरस के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता पैदा हुई है। रूस की इस वैक्सीन का नाम Gam-Covid-Vac Lyo है। इसे मॉस्को स्थित रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़ी एक संस्था गमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ने बनाया है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • रूस के रक्षा मंत्रालय ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि वैक्सीन लगने की वजह से लोगों के अंदर मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हुई है और यह परिणामों से स्पष्ट रूप से पता चलता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल 42 दिन पहले शुरू हुआ था। तब स्वयंसेवकों को मास्को के बुरदेंको सैन्य अस्पताल में वैक्सीन लगाई गई थी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन लोगों को वैक्सीन लगी थी, वो सभी बीते सोमवार को फिर से अस्पताल आए थे, जिनकी बारीकी से जांच की गई। जांच में यह पाया गया कि सभी लोगों में कोरोना के खिलाफ प्रभावी रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हुई है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
  • रूसी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि किसी भी स्वयंसेवक में कोई भी नकरात्मक साइड इफेक्ट या परेशानी नजर नहीं आई। रूस की सरकार ने भी इस वैक्सीन की तारीफ की है। अब इस वैक्सीन की प्रभावी क्षमता को परखने के लिए गमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट व्यापक स्तर पर तीन परीक्षण करने जा रहा है। साथ ही बड़े पैमाने पर इसके इस्तेमाल के लिए सरकार से मंजूरी लेने पर भी वह विचार कर रहा है।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
हाल ही में रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने कहा था कि उनका देश अक्तूबर महीने से कोरोना के खिलाफ बड़े स्तर पर वैक्सीन कैंपेन यानी टीकाकरण अभियान शुरू करने की तैयारी कर रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि वैक्सीन की कोई फीस नहीं ली जाएगी और सबसे पहले इसे शिक्षकों और स्वास्थ्यकर्मियों को दिया जाएगा। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पहले ही रूस की इस वैक्सीन को लेकर संदेह जता चुका है और अब तो ब्रिटेन ने रूस के इस वैक्सीन के इस्तेमाल से साफ इनकार कर दिया है। दरअसल, ब्रिटेन और अमेरिका समेत कई देशों के विशेषज्ञ इस वैक्सीन की सुरक्षा औऱ प्रभावशीलता पर सवाल उठा रहे हैं। असल में रूस ने इस वैक्सीन के परीक्षण को लेकर कोई साइंटिफिक डाटा जारी नहीं किया है। इस वजह से सभी देश इसकी सुरक्षा औऱ प्रभावशीलता से चिंतित हैं। 
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