चिकनगुनिया वायरस के लिए टीके
- फोटो : Pixabay
कितनी कारगर है ये वैक्सीन?
विज्ञप्ति के मुताबिक वैक्सीन को एक खुराक में इंजेक्ट किया जाएगा। टीके में चिकनगुनिया वायरस का जीवित पर कमजोर वायरस होता है, ये शरीर को इस रोग के प्रति एंटीबॉडीज विकसित करने में मदद करेगा, जिससे संक्रमण की स्थिति में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली आसानी से रोगजनकों की पहचान कर उससे मुकाबला कर सके।
उत्तरी अमेरिका में 3,500 लोगों पर इसके दो क्लिनिकल परीक्षण किए गए, जिसमें ये रोग के खतरे को कम करने में कारगर पाई गई है। वैक्सीन लेने वाले लोगों में सिरदर्द, थकान, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, बुखार और मतली जैसे हल्के दुष्प्रभाव रिपोर्ट किए गए।