कोरोना वैक्सीन संक्रमण से सुरक्षा के लिए जरूरी
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क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
आईसीएमआर के इस अध्ययन के बाद से ही लोगों के मन में वैक्सीनेशन को लेकर तरह-तरह के सवाल हैं। इसी बारे में जानने के लिए अमर उजाला ने इंदौर में कोविड ट्रैकिंग प्रभारी डॉ अनिल डोंगरे से बातचीत की। डॉ अनिल डोंगरे कहते हैं वैक्सीनेशन को लेकर कई स्तरों पर परीक्षण और अध्ययन किए जा रहे हैं। वैक्सीन प्रभावी नहीं है ऐसा मान लेना सही नहीं है। वैक्सीन लगने के 10-14 दिनों बाद ही एंटीबॉडीज का सही अंदाजा लगाया जा सकता है, कुछ लोगों में एंटीबॉडीज बनने में और भी वक्त लग सकता है। संभव है कि ब्लड सीरम का सैंपल वैक्सीनेशन के कुछ दिनों के बाद ही ले लिया गया हो, जिससे सही परिणाम सामने न आए हों। कोविशील्ड वैक्सीन को लेकर दुनियाभर में हुए अन्य अध्ययनों में इसे काफी प्रभावी भी बताया गया है। फिलहाल हमें इतना मानकर चलना चाहिए कि वैक्सीन संक्रमण के खतरे से बचाने में हमारी मदद करती है, सभी लोगों को वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।