वैश्विक स्तर पर दो साल से अधिक समय से जारी कोरोना संक्रमण ने स्वास्थ्य को गंभीर तौर से प्रभावित किया है। डेल्टा वैरिएंट से संक्रमण के दौरान जहां लोगों को फेफड़ों-हृदय से संबंधित जटिलताओं का सामना करना पड़ा, वहीं ओमिक्रॉन और हाल ही में सामने आए एक्सई वैरिएंट को अध्ययनों में काफी संक्रामक बताया जा रहा है। कोरोना संक्रमण के कई दीर्घकालिक दुष्प्रभावों के बारे में भी पता चलता है जिसका असर लोगों में एक साल तक भी बना रह सकता है। इस बीच एक हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने बताया है कि कोरोना का संक्रमण, पुरुषों की प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित कर रहा है।
कोविड-19 के प्रजनन क्षमता पर असर को लेकर पहले हुए अध्ययनों में वैज्ञानिकों के अलग-अलग मत सामने आए थे। वहीं इस शोध में वैज्ञानिकों का कहना कि पुरुषों में कोविड-19 का अगर हल्का-मध्यम स्तरीय संक्रमण भी रहा है, तो इससे कुछ लोगों को प्रजनन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
एसीएस ओमेगा जर्नल में प्रकाशित इस शोध में वैज्ञानिकों ने यह दावा किया है। आइए इस शोध के बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।