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आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह: कोरोना की तीसरी लहर से रहना है सुरक्षित तो इन तीन चीजों का रोजाना करें सेवन

Mon, 30 Aug 2021 06:56 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना संक्रमण से सुरक्षा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
Medically reviewed by-
आचार्य मुकंद मिश्रा
(आयुर्वेदाचार्य)
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश


कोरोना संक्रमण के मामले देश में एक बार फिर से बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। दुनियाभर में हुए तमाम अध्ययनों में वैज्ञानिक कोरोना के डेल्टा वैरिएंट को सबसे खतरनाक बता रहे हैं। चिंता की बात यह है कि भारत में दूसरी लहर के लिए इसी वैरिएंट को मुख्य कारक माना जा रहा है। देश के कई हिस्सों में डेल्टा वैरिएंट को अभी भी सक्रिय माना जा रहा है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए किए गए अध्ययन के आधार पर विशेषज्ञों का कहना है कि अक्टूबर में देश में कोरोना की तीसरी लहर का पीक आ सकता है।
कोरोना के संभावित तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को एक बार फिर से बेहद सावधान हो जाने की अपील कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना के तीसरी लहर का असर भी उन्हीं लोगों में अधिक हो सकता है जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है। ऐसे में जिन लोगों ने वैक्सीनेशन करा लिया है और जिन्होंने नहीं कराया है, दोनों को अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के उपाय करते रहने चाहिए। इसके लिए आपको ज्यादा पैसे खर्च करने की भी जरूरत नहीं है, घर में आसानी से मिल जाने वाली चीजें इसमें आपकी मदद कर सकती हैं, खास बात यह है कि आयुर्वेद में इन चीजों को प्रतिऱक्षा को मजबूती देने में काफी कारगर बताया गया है।
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कोरोना से सुरक्षा दे सकते हैं आयुर्वेदिक उपाय (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
आयुर्वेद और प्रतिरक्षा
आयुर्वेदाचार्य आचार्य मुकुंद मिश्र कहते हैं, सदियों से आयुर्वेद का उपयोग तमाम तरह की समस्याओं को उपचार के रूप में किया जाता रहा है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान भी देखने को मिला कि लोगों ने अपनी इम्यूनिटी को मजबूती देने के लिए आयुर्वेद में बताई गई कई सारी औषधियों का उपयोग किया। चूंकि अब देश में कोरोना के तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है तो इससे सुरक्षित रहने के लिए सभी लोगों को अभी से प्रयास करने शुरू कर देने चाहिए। आयुर्वेद में बताई गई कई चीजें आपके घरों में आसानी से मौजूद होती हैं, जिनको प्रयोग में लाकर आप विशेष लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
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तुलसी के पत्ते बेहद कारगर - फोटो : iStock
तुलसी की पत्तियों का रोजाना करें सेवन
आयुर्वेदाचार्य बताते हैं प्राचीन चिकित्सा पद्धति के साथ विज्ञान भी तुलसी के गुणों को प्रमाणित करता है। मानसून के इस मौसम में होने वाली तमाम बीमारियों के साथ कोरोना के खतरे को कम करने में यह सबसे कारगर और आसानी से उपलब्ध औषधि हो सकती है। तुलसी की हरी पत्तियों में फाइटोकेमिकल्स, फ्लेवोनोइड्स और एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं जो शरीर में कई प्रकार के संक्रमण और बीमारियों को कम करने के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देने में सहायक हो सकती हैं।

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सभी लोगों को जरूर खाने चाहिए खजूर - फोटो : iStock
खजूर खाने से हो सकते हैं अनगिनत फायदे
आयुर्वेद में खजूर के सेवन के अनेकों लाभ के बारे में जिक्र मिलता है। विटामिन-सी और आयरन से भरपूर खजूर का सेवन प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देने के साथ शरीर में खून की कमी को दूर करने में भी सहायक माना जाता है। खजूर का सेवन हीमोग्लोबिन को बढ़ाने में सहायक है जो फेफड़ों से ऑक्सीजन को शरीर के सभी अंगों में ले जाता है। दूध के साथ खजूर का सेवन करने से आयरन और कैल्शियम दोनों की प्राप्ति की जा सकती है, साथ ही इसे इम्यूनिटी के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है।
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गुड़ खाने के हैं कई लाभ - फोटो : Social media
सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है रोजाना गुड़ का सेवन
सभी घरों में आसानी से पाए जाने वाले गुड़ को पेट के साथ इम्यूनिटी के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। गुड़ एंटीऑक्सिडेंट और खनिजों जैसे जिंक और सेलेनियम से पूर्ण होता है। यह सभी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देने में काफी सहायक होते हैं। गुड़ को आयरन, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे पोषक तत्वों से भी भरपूर माना जाता है। इम्यूनिटी को मजबूती देने में इन सभी पोषक तत्वों की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। यही कारण है कि सभी लोगों को दैनिक रूप से आहार में गुड़ को शामिल करने की सलाह दी जाती है।


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नोट: यह लेख प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य आचार्य  मुकुंद मिश्र के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला के  हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
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