मसाले और औषधियों का सेवन जरूरी
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मसालों और जड़ी-बूटियों का सेवन
जीवन के मध्यकाल और बुढ़ापे में प्रतिरक्षा से संबंधित कई तरह की गंभीर बीमारियों से बचे रहने के लिए 20-30 की आयु में लोगों को ज्यादातर ऐसे भोजन करने चाहिए, जो प्राकृतिक मसालों और जड़ी-बूटियों से संपन्न हों। भारतीय व्यंजनों में प्रयोग किए जाने वाले ज्यादातर मसाले जैसे हल्दी, धनिया, लौंग, दालचीनी, जीरा आदि न सिर्फ भोजन के स्वाद को बढ़ाते हैं, साथ ही इन्हें प्रतिरक्षा के लिए भी काफी अच्छा माना जाता है। भोजन में इन मसालों का उपयोग सुनिश्चित करें।