फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विशेषज्ञों ने बताया: शरीर में ऐसे संकेतों का मतलब बढ़ गया है कोलेस्ट्रॉल का स्तर, जानिए कैसे करें इसे नियंत्रित?

Fri, 19 Nov 2021 03:40 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
हाई कोलेस्ट्रॉल के संकेत - फोटो : Pixabay
पिछले एक दशक में दुनियाभर में हृदय रोगों के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक हृदय रोग दुनियाभर में मौत के प्रमुख कारणों में से एक है। गौर करने वाली बात यह है कि कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ना हृदय रोगों की मुख्य वजह माना जाता है। कोलेस्ट्रॉल, लिवर द्वारा उत्पादित एक वसायुक्त पदार्थ है, जो सेल मेंब्रेन्स का निर्माण करता है। कोलेस्ट्रॉल वैसे तो शरीर के लिए आवश्यक है पर इसका बढ़ना गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकता है। विशेष रूप से बैड कोल्स्ट्रॉल का स्तर बढ़ना हृदय संबंधी गंभीर रोगों का कारण बन सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कोलेस्ट्रॉल दो प्रकार को होता है- गुड कोलेस्ट्रॉल और बैड कोलेस्ट्रॉल। गुड कोलेस्ट्रॉल शरीर के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है जबकि बैड कोलेस्ट्रॉल धमनियों में प्लाक के निर्माण और रुकावट का कारण बन सकता है। ऐसे स्थिति हार्ट अटैक, स्ट्रोक या कार्डियक अरेस्ट के जोखिम को बढ़ा देती है। द अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी फाउंडेशन के अनुसार, कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर ध्यान रखकर कई समस्याओं से बचा जा सकता है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लक्षण सांस, जबड़े और बाहों पर दिखाई देते हैं। आइए इस बारे में आगे की स्लाइडों में विस्तार से जानते हैं। 
विज्ञापन

2 of 5
जबड़ों में दर्द की समस्या - फोटो : Pixabay
हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण
द अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के शोधकर्ताओं का कहना है, वैसे तो हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण सामने नहीं आते हैं, हालांकि जब  मस्तिष्क या हृदय में रक्त संचार अवरुद्ध हो जाता है तो शरीर में इसके कुछ संकेत जरूर देखे जाते हैं। बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल के स्तर के कारण हार्ट अटैक या स्ट्रोक का जोखिम अधिक होता है। इसके अलावा शरीर में कुछ और लक्षण यदि लंबे समय तक बने रहते हैं तो इन्हें गंभीर संकेत माना जा सकता है।
  • मतली आना।
  • जबड़ों और बांहों में दर्द
  • बहुत अधिक पसीना आना।
  • सांस लेने में समस्या होना।
विज्ञापन

3 of 5
हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षणों को पहचानिए - फोटो : pixabay
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हाई कोलेस्ट्रॉल के स्तर और इसके संकेतों पर नज़र रखना अनिवार्य है। इस स्थिति में समय पर निदान और उपचार सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच की आवश्यकता होती है। 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए शरीर में किसी भी प्रकार के असामान्य संकेतों को ध्यान में रखना आवश्यक माना जाता है। 

4 of 5
हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण हो सकता है हार्ट अटैक - फोटो : iStock
आहार पर रखें विशेष ध्यान
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार रेड मीट में सेचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक होती है। अधिक मात्रा में सेचुरेटेड फैट का सेवन करने से बैड कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोगों का जोखिम बढ़ सकता है। आहार में फाइबर से भरपूर चीजों जैसे साबुत अनाज, दाल, बीन्स, सब्जियां, मक्का और फलों को शामिल करके इस तरह के खतरों से सुरक्षित रहा जा सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
शराब-धूम्रपान से तुरंत बना लें दूरी - फोटो : Pixabay
हाई कोलेस्ट्रॉल से बचाव कैसे करें?
ब्रिटिश हार्ट फ़ाउंडेशन के विशेषज्ञ कहते हैं, अगर जीवनशैली में बदलाव करने के साथ स्वस्थ आहार का सेवन किया जाए तो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ने से आसानी से रोका जा सकता है। इसके लिए कुछ बातों का विशेष ख्याल रखना आवश्यक है।
  • शराब और धूम्रपान से दूरी बना लें।
  • सप्ताह में कम से कम 150 मिनट व्यायाम करें।
  • रिफाइंड खाद्य पदार्थ, सेचुरेटेड फैट और अतिरिक्त शुगर के सेवन से बचें।
  • अपने आहार में दाल, बीन्स, नट्स, टोफू को आदि को शामिल करें।

------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें