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सलाह: गर्भावस्था में ब्लड-प्रेशर को रखें नियंत्रित वरना बढ़ सकती हैं दिक्कतें, ऐसे लक्षणों से रहें सावधान

Fri, 22 Oct 2021 04:54 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क,अमर उजाला, नई दिल्ली
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गर्भावस्था में सेहत का रखें विशेष ख्याल - फोटो : istock
जितनी तेजी से भारत में डायबिटीज के रोगी बढ़े हैं, वैसे ही हाई ब्लड प्रेशर पीड़ितों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। आंकड़ों की मानें तो भारत में हर पांच में से एक युवा हाई ब्लड प्रेशर का शिकार है। दुनियाभर में कम उम्र में होने वाली मौतों के पीछे की एक वजह हाई बीपी की वजह से दिल पर पड़ने वाला प्रेशर भी है। तेज रफ्तार ज़िन्दगी में कई तरह के परिवर्तन भी हाई ब्लड प्रेशर की वजह बनते हैं।

अन्य लोगों के अलावा गर्भावस्था में हाई बीपी गम्भीर समस्या का कारण बन सकती है। इससे न केवल मां के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, साथ ही बच्चे का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि गर्भवस्था के दौरान पूरे 9 महीने इस बात का खास ध्यान रखा जाए कि बीपी कंट्रोल में रहे। सावधानी रखने पर पूरी तरह स्वस्थ बच्चे को सामान्य जन्म देना सम्भव हो सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं। 
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गर्भावस्था में हाई बीपी की समस्या - फोटो : Pixabay
गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर से संबंधित जटिलताएं
अन्य महिलाओं की तुलना में हाई बीपी वाली महिलाओं में बच्चे के जन्म के दौरान जटिलता होने की आशंका अधिक होती है, इसलिए डॉक्टर ऐसी महिलाओं के बीपी के स्तर को पूरे समय मॉनिटर करने की सलाह देते हैं। असल में हाई बीपी की वजह से दूसरे अंगों पर भी बुरा असर पड़ता है।उदाहरण के लिए हाई ब्लड प्रेशर वाली महिलाओं में किडनी के काम करने की शक्ति में कमी आ सकती है। यही नहीं इन महिलाओं के बच्चों का वजन जन्म के समय काफी कम हो सकता है या प्रीमेच्योर (समय से पहले) डिलीवरी हो सकती है।

हाई बीपी की ये समस्या महिलाओं में पहले से भी मौजूद हो सकती है या गर्भवस्था के दौरान भी पनप सकती है। हालांकि ज्यादातर मामलों में बच्चे के जन्म के साथ ही यह सामान्य भी हो सकती है। कई बार यह समस्या हमेशा के लिए भी बनी रह सकती है।
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गर्भावस्था में रखें विशेष ख्याल - फोटो : istock
गर्भावस्था में इन लक्षणों को लेकर बरतें सावधानी
यदि आपको पहले से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है तो फैमिली प्लान करते समय स्पष्ट रूप से इसे डॉक्टर को बताएं। अगर गर्भावस्था के दौरान तेज सिरदर्द, दिखाई देने में तकलीफ घबराहट, उल्टी, चक्कर आना, पेट कर ऊपरी हिस्से, पसलियों के नीचे दाईं तरफ दर्द, कम पेशाब आना, सांस फूलना, पैरों में सूजन जैसे लक्षण दिखें तो बिना देर किए डॉक्टर को बताएं।
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गर्भावस्था में खान-पान का रखें विशेष ध्यान (सांकेतिक) - फोटो : istock
इन बातों का रखें विशेष ख्याल
  • अपनी डाइट में भरपूर मात्रा में फलों और हरी सब्जियों को शामिल करें। ऐसा भोजन खाएं जो आपको दिनभर फुर्तीला बनाए रखे। 
  • यदि आपका वजन अधिक हो तो गर्भावस्था के पूर्व ही इसे घटाने का प्रयास अवश्य करें। 
  • गर्भावस्था के दौरान हाई बीपी की कुछ दवाइयां ली जा सकती हैं, लेकिन बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी दवा का सेवन न करें।
  • फिजिकली एक्टिव रहें। डॉक्टर की सलाह से योग या हल्की फुल्की एक्सराइज जरूर करें। 
  • शक्कर और नमक दोनों की अतिरिक्त मात्रा में कटौती करें। 
  • बीपी की नियमित रूप से जांच करती रहें।


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अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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