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अलर्ट: सिर्फ कोविड-19 ही नहीं, ये भी हो सकते हैं इन दिनों में बुखार के कारण, जानिए कैसे करें लक्षणों में अंतर

Sat, 23 Apr 2022 06:24 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना और वायरल फीवर में अंतर - फोटो : iStock
कोरोना वायरस संक्रमण ने हमारी सेहत को कई तरह से प्रभावित किया है। अब तक सामने आए तमाम वैरिेएंट्स ने श्वसन पथ पर असर डाला है जिसके कारण लोगों में फ्लू जैसे लक्षण, बुखार, खांसी-जुकाम जैसी दिक्कतें देखी जाती रही हैं। वहीं हाल में सामने आए कुछ वैरिएंट्स में श्वसन के साथ पेट और अन्य अंगों पर भी प्रभाव देखने को मिल रहा है। लगातार खांसी और गले में खराश के साथ हल्के बुखार को कोविड-19 का शुरुआती लक्षण माना जाता रहा है। हालांकि बुखार होने का मतलब हर बार यही नहीं है कि आपको कोविड-19 हो गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय गर्मी का मौसम है जिसमें तेज धूप और लू के कारण भी आपको बुखार की समस्या हो सकती है, ऐसे में लक्षणों का सही निदान और कोविड-19 की पहचान करना बहुत आवश्यक है।

विशेषज्ञ बताते हैं, कोरोना संक्रमण के अलावा कई अन्य स्वास्थ्य स्थितियों में भी लोगों को बुखार की समस्या हो सकती है। कोरोना संक्रमण के मामलों में हल्के बुखार की समस्या रिपोर्ट की जाती रही है जिसमें संक्रमितों को कुछ दिनों तक 100.4 से 102.2 डिग्री फ़ारेनहाइट के बीच शारीरिक तापमान का अनुभव हो सकता है। हल्का बुखार महसूस होना हर बार चिंता का कारण नहीं है, जरूरी है कि आप इसके सही कारणों को समय रहते पहचानें। आइए इस बारे में आगे विस्तार से जानते हैं। 
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बुखार की समस्या - फोटो : iStock
कोविड-19 में बुखार की समस्या

कोरोना संक्रमण के दौरान बुखार होना सामान्य लक्षणों में से एक माना जाता है, हालांकि यह भी जरूरी नहीं है कि संक्रमितों को हर बार बुखार हो ही। एसिम्टोमैटिक रोगियों में बिना बुखार के भी संक्रमण का निदान किया जाता है। कोविड-19 के मामलों में ज्यादातर लोगों को हल्के बुखार, सर्दी-नाक बहने, कमजोरी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। अगर ये लक्षण लगातार बने रहते हैं तो इस बारे विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें।
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बुखार के कारणों को जानिए - फोटो : iStock
मौसम में बदलाव के कारण बुखार

देश में इस समय गर्मी का मौसम चल रहा है, जिसमें वातावरण का तापमान बढ़ने के साथ भी कुछ लोगों को मौसमी बुखार होने का खतरा रहता है। इसके अलावा हीटस्ट्रोक के कारण भी बुखार की समस्या देखी जाती है। हालांकि ध्यान देने वाली बात यह है कि इस स्थिति में 105°F के करीब, तेज बुखार के लक्षण महसूस किए जाते हैं। इसके अलावा सिरदर्द, डिहाइड्रेशन की समस्या भी हो सकती है, जोकि कोविड-19 में नहीं होती है। ऐसे लक्षणों के आधार पर आप मौसमी बुखार और कोविड-19 में फर्क कर सकते हैं।

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चिकन पॉक्स में बुखार आना - फोटो : Pixabay
चिकनपॉक्स की समस्या

गर्मियों के शुरुआती दिनों में विशेषकर बच्चों में चिकनपॉक्स संक्रमण का भी खतरा होता है। जिन बच्चों का चिकनपॉक्स के लिए टीकाकरण नहीं हुआ रहता है उनमें भी तेजी बुखार की समस्या हो सकती है। बुखार के अलावा त्वचा पर दाने या पानी भरे हुए फफोले, खुजली, लालिमा, कमजोरी की भी समस्या होती है। कोविड-19 में फफोले  या तेज बुखार के मामले नहीं होते हैं ऐसे में इसमें आसानी से अंतर किया जा सकता है। चिकनपॉक्स का संक्रमण स्वत: कुछ दिनों में ठीक हो जाता है। 
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बुखार से बचाव करें - फोटो : Pixabay
बुखार से बचाव के लिए क्या किया जाना चाहिए?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते है कि चूंकि इस समय कोविड-19 और मौसमी बुखार, दोनों का खतरा है ऐसे में बुखार की स्थिति में सबसे पहले लक्षणों में अंतर करके रोग की सही स्थिति और कारण के बारे में पता करना आवश्यक हो जाता है। यदि आपका कारण गंभीर नहीं है, तो सामान्य स्थितियों में बुखार आमतौर पर अपने आप ही ठीक हो जाता। हालांकि अगर यह लगातार बना रहता है तो इस बारे में किसी डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। 
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हीट स्ट्रोक और बुखार की दिक्कत - फोटो : Pixabay
गर्मी के इस मौसम में कैसे करें बचाव

बढ़ते तापमान के साथ लोगों में बुखार और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम कई गुना तक बढ़ जाता है। इनसे बचाव के उपाय करते रहना बहुत आवश्यक है। अक्सर, बुखार और इससे संबंधित लक्षणों के इलाज के लिए ओवर-द-काउंटर दवाओं का उपयोग किया जाता है, पर इनका अधिक सेवन आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह पर ही दवाइयां खाएं। 

गर्मी के मौसम में बीमारियों से बचे रहने के लिए शरीर को हाइड्रेटेड रखने पर विशेष ध्यान दें। शरीर को पूरा आराम दें और खूब पानी पीना चाहिए। पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें। तेज धूप में अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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