किडनी हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। खून को साफ करने, शरीर से अपशिष्टों को बाहर निकालने से लेकर रसायनों के स्तर को संतुलित करने में इस अंग की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। अगर इस अंग में कोई भी समस्या हो जाए या किडनी ठीक तरीके से काम करना बंद कर दे तो इसका असर संपूर्ण स्वास्थ्य पर हो सकता है। लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने किडनी की बीमारियों के खतरे को काफी बढ़ा दिया है।
किडनी की क्षति के शुरुआती चरणों में आमतौर पर कोई भी लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। हालांकि, जैसे-जैसे इसकी समस्या बढ़ती जाती है और किडनी सही तरीके से काम नहीं कर पाती है, लोगों को कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं। इनमें थकान, सूजन और पेशाब में बदलाव शामिल हो सकते हैं।
किडनी की बीमारी, जिसे क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) भी कहा जाता है, इसपर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो इसके जानलेवा दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।