Medically reviewed by-
Dr. Wasim Ghori
(DiaBeaters Ambassador, India)
Diabetologist, Mumbai
जीवनशैली और आहार में गड़बड़ी के कारण हाल के वर्षों में मधुमेह रोगियों की संख्या में तेजी से उछाल देखने को मिला है। भारत सहित दुनिया के तमाम देशों में हर साल डायबिटीज के लाखों नए मामलों की निदान किया जा रहा है। डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर या तो पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता है या फिर जो इंसुलिन बनाता है उसका प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं हो पाता है। इस स्थिति में रक्त में शर्करा की मात्रा बढ़ने लगती है। शुगर के बहुत अधिक बढ़ जाने की स्थिति को हाइपरग्लाइसेमिया के नाम से जाना जाता है। हाइपरग्लाइसेमिया की स्थिति शरीर के अन्य तमाम अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
डायबिटीज मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है- टाइप-1 और टाइप-2। इसके अलावा कुछ महिलाओं को गर्भावस्था में भी डायबिटीज की समस्या हो सकती है। अक्सर लोगों को टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज के बारे में भ्रमित देखा जाता है। आइए आगे की स्लाइडों में इन दोनों प्रकार के डायबिटीज के बारे में विस्तार से जानते हैं।