लॉन्ग कोविड एक ऐसी स्थिति है, जिसमें लोग कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद भी सामान्य से अधिक समय तक उसके लक्षणों का अनुभव करते रहते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन कहता है कि कुछ लोगों को कोविड-19 के दीर्घकालिक प्रभाव का अनुभव हो सकता है, चाहे उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत हो या नहीं। इन दीर्घकालिक प्रभावों में थकान, श्वसन संबंधी लक्षण और तंत्रिका संबंधी लक्षण शामिल हो सकते हैं। कुछ शोध बताते हैं कि कोविड-19 के हल्के लक्षण वाले लोग आमतौर पर कोरोना संक्रमण होने के एक-दो हफ्ते के भीतर ठीक हो जाते हैं। वहीं इसके गंभीर मामलों में, रिकवरी में छह हफ्ते या उससे अधिक का समय लग सकता है। कुछ अन्य शोधकर्ता कहते हैं कि लॉन्ग कोविड के लक्षण दो महीने से अधिक समय तक रहते हैं।