कोरोना वायरस के बारे में अधिक से अधिक जानने के लिए लगातार शोध चल रहे हैं। यह वायरस फेफड़ों के साथ-साथ हृदय को भी नुकसान पहुंचाता है, यह तो बहुत पहले ही सिद्ध हो चुका है और अब एक हालिया अध्ययन से पता चला है कि लगभग 50 फीसदी मरीज, जो गंभीर कोविड-19 लक्षणों के कारण अस्पताल में भर्ती हैं, उनमें कोरोना के कारण ट्रोपोनिन नामक प्रोटीन का स्तर बढ़ जाता है जो दिल को नुकसान पहुंचाता है। यूरोपियन हार्ट जर्नल नामक पत्रिका में गुरुवार को प्रकाशित नए अध्ययन के मुताबिक, मरीजों के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के एक महीने बाद एमआरआई स्कैन से हृदय के नुकसान का पता चला था। इस नुकसान में हृदय की मांसपेशियों की सूजन, दिल के ऊतकों का झुलस जाना, हृदय को रक्त की आपूर्ति नहीं होना शामिल हैं।