भारत में अब तक एक करोड़ 66 लाख से अधिक लोगों को कोरोना वायरस का टीका लगाया जा चुका है। अभी तक किसी पर भी वैक्सीन के गंभीर प्रतिकूल प्रभाव का मामला सामने नहीं आया है। हालांकि कुछ लोगों ने हल्के दुष्प्रभावों की सूचना जरूर दी है। बड़ी संख्या में विशेषज्ञों ने भी इस बात को रेखांकित किया है कि ऐसे लोगों की संख्या बहुत कम ही होती है। महाराष्ट्र के कोविड-19 टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. शशांक जोशी का कहना है कि दोनों टीके जो भारत में इस्तेमाल किए जा रहे हैं, वो बिल्कुल सुरक्षित हैं, कुछ मामलों में मामूली दुष्प्रभाव की उम्मीद की जाती है, न केवल इन विशेष टीकों के लिए, बल्कि किसी भी अन्य वैक्सीन के लिए भी। यहां टीकाकरण अभियान में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड की इस्तेमाल हो रहा है। अगर आप भी वैक्सीन लेने के बारे में सोच रहे हैं, तो पहले जान लें कि टीका लेने के पहले और बाद में किस तरह की सावधानियां रखनी जरूरी हैं।