कोरोना वायरस टेस्ट करते स्वास्थ्यकर्मी(File Photo)
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स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, कोरोना के 80 फीसदी मरीजों में मामूली, जबकि 20 फीसदी में गंभीर लक्षण होते हैं। इन 20 फीसदी मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ती है। अस्पताल में भर्ती केवल पांच फीसदी को आईसीयू में शिफ्ट किया जाता है। होम आइसोलेशन के दिशानिर्देशों के मुताबिक, आइसोलेशन में रह रहे व्यक्ति की समय-सीमा तब खत्म होगी जब संबंधित क्षेत्र का चिकित्सा अधिकारी जांच पड़ताल के बाद इसकी पुष्टि कर देगा कि व्यक्ति में कोरोना का कोई लक्षण नहीं है। इसके लिए लैब में जांच होगी।