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विशेषज्ञ से जानें: कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से कैसे बचा जा सकता है?

Sun, 01 Aug 2021 09:58 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
दुनियाभर में कोरोना के मामलों को देखते हुए ऐसा लगता नहीं है कि यह महामारी इतनी जल्दी खत्म हो पाएगी। कोरोना के नए-नए वैरिएंट्स ने काफी चिंताएं पैदा कर दी हैं। कोरोना के वैश्विक परिदृश्य के बारे में दिल्ली स्थित गंगाराम अस्पताल के डॉ. (लेफ्टिनेंट जनरल) वेद चतुर्वेदी कहते हैं कि देश के कई हिस्सों में कोरोना के केस कम हैं, तो कई जगह नए केस आने लगे हैं। हमें ये कहना चाहिए कि कोरोना अभी जारी है। अमेरिका में करीब 80 से 82 हजार केस, यूके में 25 हजार के आसपास केस आए हैं, पाकिस्तान में चार हजार के करीब केस आए हैं। कई देश ऐसे हैं, जहां मास्क की अनिवार्यता खत्म कर दी गई, अब वहां दोबारा केस आने लगे हैं यानी अगर वैक्सीन लगवा भी ली है, तो भी मास्क जरूर लगाएं। भारत में भी स्थिति कुछ खास अच्छी नहीं है। ऐसे में आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना से जुड़े खास सवालों के जवाब... 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोरोना की वर्तमान स्थिति को कैसे देखते हैं? 
  • डॉ. (लेफ्टिनेंट जनरल) वेद चतुर्वेदी कहते हैं, 'हम सब ये देख रहे हैं कि केस कम हो रहे हैं, लेकिन इसपर ध्यान नहीं दे रहे हैं कि केस क्यों कम हो रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है लॉकडाउन और कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर। जब केस बढ़ रहे थे, तो लॉकडाउन लगाए गए, उसके बाद लोगों ने भी नियमों का पालन करना शुरू कर दिया। इसी का परिणाम है कि आज केस कम हो रहे हैं। लेकिन अगर इसमें लापरवाही हुई तो आने वाले 10-15 दिनों में स्थिति बदलने लगेगी। इसलिए बहुत जरूरी है कि वैक्सीन लगवाएं, मास्क लगाएं, हाथ साफ करते रहें, फिर साबुन पानी हो या सैनिटाइजर, एक दूसरे के सामने चेहरा करके बात न करें। एक तरह से ये मान लें कि अभी चंद्रमा और मंगल पर भले पहुंच गए हैं, लेकिन अभी पूरा ब्रह्मांड बाकी है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
शुरू में लोगों में मास्क को लेकर काफी समस्या हुई, अब लोगों का क्या बिहेवियर है? 
  • डॉ. वेद चतुर्वेदी कहते हैं, 'शुरू में हमें कोई भी नई चीज करने में अटपटी लगती है। लोगों की सराहना करनी होगी, जो शुरू में कहते थे कि उनका दम घुटने लगता है, उनकी सांस रूक जाएगी, आज वही लोग 8-10 मास्क लगाकर रह रहे हैं। लोग न्यू नॉर्मल को अपना रहे हैं। केस कम होने पर भी इसे छोड़ना नहीं है। इससे आप सुरक्षित रहेंगे। आज के समय में अगर आप बाहर जा रहे हैं और सड़क पर देखेंगे तो शायद ही कोई बिना मास्क के मिले। अब तो जो लोग मास्क नहीं लगाते या भूल जाते हैं, वो बाहर दूसरों को देख कर तुरंत मास्क लगा लेते हैं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
डेल्टा वैरिएंट से कैसे बचा जा सकता है? 
  • डॉ. वेद चतुर्वेदी कहते हैं, 'डेल्टा वैरिएंट हो या अल्फा, बीटा हो, सभी से बचने का एक ही उपाय है और वह है कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर। इन वैरिएंट का नाम और इनके बारे में जो स्टडी होती है, वो डॉक्टरों और वैज्ञानिकों के लिए जरूरी होती है, ताकि उन्हें पता चल सके कि बीमारी की गंभीरता कितनी होगी और अगर केस तेजी से आ रहे हैं तो इसके क्या कारण हैं।' 
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