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विशेषज्ञ: खतरनाक है कोरोना का डेल्टा प्लस वैरिएंट, बरतनी होंगी ये सावधानियां

Wed, 23 Jun 2021 12:26 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना का नया वैरिएंट डेल्टा प्लस - फोटो : iStock
देश में कोरोना संक्रमण की दर लगातार कम हो रही है और स्वस्थ होने की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटे में देश में संक्रमण के 50 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं, जबकि 68 हजार से अधिक मरीज ठीक होकर घर लौटे हैं। देश में अब तक दो करोड़ 89 लाख से अधिक लोग कोरोना से स्वस्थ हो चुके हैं। हालांकि इस बीच कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट ने अलग चिंता पैदा कर दी है। देश में इसके संक्रमण के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि यह आगे न फैल पाए, क्योंकि कोरोना की दूसरी लहर पहले ही बहुत सारे लोगों की जान ले चुकी है और ऐसे में इस नए वैरिएंट के आने के बाद कहा जा रहा है कि यह तीसरी लहर का खतरा पैदा कर सकता है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं इससे बचने के लिए कौन-कौन सावधानियां जरूरी हैं और साथ ही कोरोना से जुड़े अन्य सवालों के जवाब भी... 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, बच्चों के लिए क्या कहेंगे? 
  • लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज के डॉ. सूर्यकांत कहते हैं, '18 साल से कम उम्र वालों के लिए वैक्सीन पर काम बहुत तेजी से चल रहा है। भारत की अपनी स्वदेशी कंपनी भारत बायोटेक, जिसने कोवाक्सिन बनाई है, उसी के द्वारा दो से 18 साल के बीच के बच्चों के लिए ट्रायल चल रहा है। वैक्सीन जल्द ही आ भी जाएगी। इसके साथ एक इंट्रानेजल वैक्सीन बनाने की भी तैयारी चल रही है। ये सितंबर के बाद आ सकती है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या इस नए डेल्टा प्लस वैरिएंट में हमें वही सावधानी बरतनी होंगी या कुछ और करना पड़ेगा? 
  • डॉ. सूर्यकांत कहते हैं, 'पीएम मोदी ने 16 जनवरी 2021 को जब टीकाकरण का शुभारंभ किया था, तब उन्होंने कहा था कि दवाई भी और कड़ाई भी। हमें इस ध्येय वाक्य को भूलना नहीं है। वैक्सीन भी लगवानी है और कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन भी जरूर करना है। लोग समझते हैं कि वैक्सीन लग जाएगी, इम्यूनिटी आ जाएगी तो क्यों मुझे सब करना। वैक्सीन लगने के बाद अगर हमने मास्क नहीं लगाया या दो गज की दूरी नहीं रख रहे हैं तो ये कोरोना वायरस किसी भी संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खांसने से फैल सकता है। इसलिए टीका लगवाने से पहले भी और बाद में भी कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन करना न भूलें।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कुछ जिलों में कोविड-19 के डेल्टा प्लस स्वरूपों को भी देखा गया है, क्या यह चिंता करने वाली बात है? 
  • डॉ. सूर्यकांत कहते हैं, 'अभी तक 12 वैरिएंट कोविड-19 के ऐसे हैं, जो पूरी दुनिया में सामने आ चुके हैं। कोरोना ने दुनिया के 220 देशों को प्रभावित किया है। इसमें अभी जो लेटेस्ट (नवीनतम) 12वां वैरिएंट आया है, जिसका नाम दिया गया है लैम्बडा, पेरू और दक्षिण अमेरिका के दूसरे देशों में आया है। ये 14 जून को रिपोर्ट हुआ है। अभी सबसे ज्यादा चर्चा डेल्टा प्लस की हो रही है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। 135 करोड़ की जनसंख्या वाले देश में अगर 22 मामले अभी तक रिपोर्ट किए गए हैं तो ये कोई चिंता का सबब नहीं है। हां, हमें इसको ध्यान में रखना पड़ेगा कि यह बहुत ज्यादा न फैल पाए, क्योंकि ये एक बड़ी चुनौती बन सकता है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
मजबूत प्रतिरक्षा पैदा करने के लिए बूस्टर डोज देने की बात कही जा रही है, यह क्या है? 
  • डॉ. सूर्यकांत कहते हैं, 'बूस्टर डोज, जैसा कि नाम है, बूस्ट करने के लिए होती है। जो इम्यूनिटी आपने अभी एक वैक्सीन से ले ली है, मान लीजिए आगे चलकर ये संभावना आती है कि इसकी जो ताकत है, वह धीरे-धीरे कम हो जाती है तो उसको बूस्ट करने के लिए एक डोज की जरूरत और पड़ सकती है। लेकिन ये सिर्फ एक संभावना है। ये संभावनाएं इसलिए डिस्कस की जाती हैं, ताकि आगे कि रणनीति बनाई जा सके। अभी इसके बारे में बहुत ज्यादा सोचने और चिंता करने की जरूरत नहीं है।' 
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