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विशेषज्ञ से जानें: क्या कोरोना की तरह एक व्यक्ति से दूसरे में भी फैल सकता है ब्लैक फंगस संक्रमण?

Wed, 26 May 2021 09:30 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
देश में कुछ दिन पहले तक कोरोना का संक्रमण बेहद ही गंभीर स्थिति में पहुंच चुका था, लेकिन अब मामले लगातार कम हो रहे हैं। हालांकि अब ब्लैक फंगस संक्रमण यानी म्यूकरमाइकोसिस बीमारी का कहर देखने को मिल रहा है। यह बीमारी कई राज्यों में फैल चुकी है, हजारों लोग इस ब्लैक फंगस संक्रमण के शिकार गए हैं और यह तेजी से फैल रहा है। इस बीच सवाल उठता है कि क्या क्या म्यूकरमाइकोसिस भी कोरोना की तरह ही कम्युनिकेबल डिजीज है, यानि एक से दूसरे में हो सकता है? आइए विशेषज्ञ से जानते हैं ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब... 
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ब्लैक फंगस पर पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
म्यूकरमाइकोसिस के क्या लक्षण हैं, कैसे इससे बच सकते हैं? 
  • लखनऊ स्थित केजीएमयू के डॉ. सूर्यकांत कहते हैं, 'इस वक्त ऐसा माहौल है कि अगर किसी ने स्टेरॉयड सूंघ लिया है तो म्यूकर-माइकोसिस हो जाएगा। लेकिन इसे समझना होगा कि ये किसी को भी नहीं होता। बहुत लोग आजकल परेशान हैं कि उन्होंने 5-6 दिन स्टेरॉयड ली है, ब्लैक फंगस तो नहीं हो जाएगा? नहीं, उन्हें नहीं होगा, ये सिर्फ उन्हें हो रहा है, जो एक तो अस्पताल में ज्यादा दिन रहे हैं और उनका कई तरह का इलाज चला हो। लेकिन जिनकी इम्यूनिटी कम है और डायबिटीज है, उन्हें थोड़ा अपने लक्षणों पर ध्यान रखना है। सबसे पहले नाक पर ध्यान दें, नाक बंद है, अंदर काला दिख रहा है, नाक से पानी आ रहा है, साइनस के कारण सूजन है, आंख में काला या लाल दिखने लगा है, रोशनी कम है, चेहरे में सूजन है, कोई झटके आ रहे हैं। फेफड़े में होगा तो खांसी के साथ खून आने लगता है। ऐसे लक्षणों पर ब्लैक फंगस की जांच की जाती है।' 
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ब्लैक फंगस पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
म्यूकरमाइकोसिस से बचाव के लिए क्या करें? 
  • डॉ. सूर्यकांत कहते हैं, 'जिनका ऑक्सीजन लेवल 90 तक भी गया है या होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे हैं, उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। सिर्फ ध्यान रखें कि अगर मरीज को ऑक्सीजन लगा है तो उसमें जो ट्यूबिंग है, उसे बीच-बीच में पानी में उबाल लीजिए। पुराना पानी है तो उसे बदल लें। जिनके पास सुविधा नहीं है, वो पानी उबाल कर ठंडा कर उसमें भर लें। यही सोर्स होते हैं, जिससे ब्लैक फंगस कोशिश करता है। इसके अलावा मरीज जहां हैं, उस घर में जाला न लगा हो, नमी न हो और कूलर में भी पानी न रखें।' 

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ब्लैक फंगस पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या म्यूकरमाइकोसिस भी कम्युनिकेबल डिजीज है, यानि एक से दूसरे में हो सकता है? 
  • डॉ. सूर्यकांत कहते हैं, 'जी नहीं, ब्लैक फंगस का संक्रमण एक-दूसरे से नहीं होता है। ऐसे नहीं सोचें कि अगर आपके मरीज को ब्लैक फंगस हो गया और उसके साथ जा रहे हैं या पास बैठ गए तो हो जाएगा। ये उसे ही होता है, जिसकी इम्यूनिटी बहुत ज्यादा कमजोर है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोरोना की वर्तमान स्थिति को कैसे देखते हैं? 
  • डॉ. सूर्यकांत कहते हैं, 'भारत ने मुसीबतों से लड़ना सीखा है। 2020 में चिकित्सा तंत्र का जो विकास हुआ, उसी ताकत से हमने इसे अब कंट्रोल कर लिया है, इसी वजह से अब स्थिति नियंत्रण में आ गई है। लेकिन जो लापरवाही हमने अक्तूबर से दिसंबर तक की है, उसे दोबारा नहीं करना है। सभी कोविड नियमों का पालन करना है, क्योंकि अभी लड़ाई खत्म नहीं हुई है और तीसरी लहर की संभावना बनी हुई है।' 
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