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फैक्ट चेक: क्या इस घरेलू नुस्खे हो सकता है ब्लैक फंगस का इलाज? जानें वायरल वीडियो की सच्चाई

Wed, 26 May 2021 07:58 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Black fungus - फोटो : अमर उजाला
कोरोना की दूसरी लहर में ब्लैक फंगस संक्रमण यानी म्यूकरमाइकोसिस बीमारी एक नई आफत बनकर उभरी है। इसके मामले देश के कई राज्यों में देखने को मिले हैं और मामले तेजी से बढ़ भी रहे हैं। ऐसे में इस बीमारी के उचित इलाज और दवाइयों को लेकर भी राज्य सरकारों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर भी ब्लैक फंगस के इलाज के नुस्खे खूब वायरल हो रहे हैं। एक ऐसा ही नुस्खे वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि फिटकरी, हल्दी, सेंधा नमक और सरसों के तेल से म्यूकरमाइकोसिस का इलाज किया जा सकता है। आइए जानते हैं इस वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है? 
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turmeric oil - फोटो : iStock
पीआईबी की फैक्ट चेक टीम ने वायरल वीडियो में किए गए दावे के फर्जी बताया है और कहा है कि इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि फिटकरी, हल्दी, सेंधा नमक और सरसों के तेल से ब्लैक फंगस संक्रमण का इलाज किया जा सकता है। पीआईबी ने इसको लेकर आगाह भी किया है और कहा है कि ऐसी किसी भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या के उपचार के लिए केवल घरेलू नुस्खों पर विश्वास न करें। 
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ब्लैक फंगस - फोटो : अमर उजाला
पीआईबी का कहना है, 'ब्लैक फंगस एक गंभीर बीमारी है, जिसका सही समय पर निदान और उपचार जरूरी है। इसलिए ऐसा कोई भी घरेलू उपचार करने से बचें। इस रोग से संबंधित कोई भी उपचार करने से पहले चिकित्सक से परामर्श जरूर करें।' 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
ब्लैक फंगस संक्रमण के इन लक्षणों पर दें ध्यान 

एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया के मुताबिक, म्यूकरमाइकोसिस के कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं: 
  • चेहरे पर एक तरफा सूजन 
  • सिरदर्द
  • साइनस  
  • बुखार 
  • नाक से खून आना 
  • नाक के ऊपरी हिस्से पर काले घाव जो जल्दी और गंभीर हो जाते हैं 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
ब्लैक फंगस संक्रमण से बचाव के उपाय  
  • विशेषज्ञ कहते हैं कि ब्लैक फंगस संक्रमण यानी म्यूकरमाइकोसिस से बचने का सबसे अच्छा उपाय है कि लोगों को बहुत अधिक धूल के सीधे संपर्क से बचना चाहिए, जहां पर मिट्टी या काई है और आप वहां काम कर रहे हैं तो जूते, लंबी पैंट और दस्ताने पहनें, साथ ही त्वचा की चोटों को साबुन और पानी से अच्छी तरह से साफ करें। सबसे जरूरी बात कि अगर इसके लक्षण दिखें तो मरीज को तुरंत डॉक्टर की सलाह पर एंटीफंगल थेरेपी की शुरुआत कर देनी चाहिए। 
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