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Corona Expert Advice: विशेषज्ञ से जानिए वैक्सीन लगवाने से पहले दिमाग में आने वाले हर सवाल का जवाब

Mon, 10 May 2021 12:50 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वैक्सीन से जुड़ी सही जानकारी ली जाए - फोटो : सोशल मीडिया

Medically reviewed by Dr. Dilip Singh Chawda

डॉ दिलीप सिंह चावड़ा, चेस्ट स्पेशलिस्ट

असिस्टेंट प्रोफेसर, एमजीएम मेडिकल कॉलेज एंड एमवाय ग्रुप

डिग्री- एम.बी.बी.एस, डी.टी.सी.डी, डी.एन.बी

अनुभव- 7 वर्ष
देश में कई जगहों पर 18 वर्ष से अधिक के लिए वैक्सीनेशन शुरु हो चुका है लेकिन वैक्सीन को लेकर आज भी युवाओं के मन में कई सारे सवाल हैं। ऐसे में कोई भी राय बनाने या सुनी-सुनाई बातों पर विश्वास करने की बजाय इस बात को महत्व देना बहुत जरूरी है कि वैक्सीन से जुड़ी सही जानकारी ली जाए। वैक्सीन लगवाकर ही हम कोरोना को मात दे सकेंगे, कोरोना की बढ़ती रफ्तार को रोक सकेंगे। अगली स्लाइड्स से जानिए वैक्सीन से जुड़े हर उस सवाल का जवाब जो इन दिनों आपके दिमाग में रहता है।

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कई सारे ट्रायल्स के बाद जनता के बीच आई है - फोटो : PTI
कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पूतनिक-वी में से कौनसी वैक्सीन बेहतर है?
-यह तीनों ही वैक्सीन कई सारे ट्रायल्स के बाद जनता के बीच आई है। ऐसे में ऐसी कोई बात नहीं है कि तीनों में से कोई बेहतर हो या कोई कमजोर हो। तीनों ही वैक्सीन हमें कोरोना से सुरक्षित रखने के लिए बनाई गई है इसलिए उपलब्धता के आधार पर जो वैक्सीनेशन सेंटर पर मौजूद हो, उसे लगवा लें।
 
 
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शरीर की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है - फोटो : पीटीआई
क्या युवाओं पर वैक्सीन का प्रभाव अलग होगा?
हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है और किसी दवा के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है। युवा यदि वैक्सीन लगवाते ही शरीर को आराम का समय न दें या किसी को कोई बीमारी हो तो संभव है कि वैक्सीन के कुछ साइड-इफेक्ट्स दिखाई दे सकते हैं। हो सकता है साइड-इफेक्ट्स कुछ समय बाद ही दिखने लग जाएं, ऐसे में तुरंत अपने चिकित्सक को बताएं।
 

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स्तनपान करवा सकती हैं - फोटो : सोशल मीडिया
स्तनपान कराने वाली या गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन लगवाना चाहिए या नहीं?
गर्भावस्था में या यदि आप स्तनपान करवा रहे हैं तब वैक्सीन लगवाने से कोई नुकसान नहीं है। आप वैक्सीन लगवाने से पहले और उसके बाद भी आराम से स्तनपान करवा सकती हैं। वैक्सीन लगवाने से आप खुद को तो सुरक्षित रखेंगी ही साथ ही आपका शिशु भी सुरक्षित रहेगा लेकिन वैक्सीनेशन सेंटर पर जाते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि आपने मास्क ठीक से लगाया हो।
 
 
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ग्लव्स और मास्क पहनकर ही जाएं - फोटो : Pixabay
वैक्सीन लगवाने जाने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
-यदि आपको किसी दवा से या सामान्य एलर्जी है तो एक बार चिकित्सक से इस विषय में बात करें और फिर ही कोरोना वैक्सीन लगवाएं।
-वैक्सीन लगवाने से पहले स्वस्थ आहार लें।
- जो लोग किसी अन्य से प्लाजमा लेकर कोरोना से ठीक हुए हैं, वे दो महीने बाद ही वैक्सीन लगवाएं।
-जिन लोगों को डायबिटीज या ब्लड प्रेशर घटने/बढ़ने की समस्या हो, उन्हें पहले जांच करवाना चाहिए।
-वैक्सीनेशन सेंटर पर ग्लव्स और मास्क पहनकर ही जाएं और बार-बार सैनिटाइजर का उपयोग करें।
 
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अभी तक कोई प्रमाण नहीं है - फोटो : social media
वैक्सीन के दो डोज लगवाने के बाद भी मास्क पहनना अनिवार्य है?
वैक्सीन लगवाने के बाद भी मास्क पहनना जरूरी है क्योंकि जिस व्यक्ति को वैक्सीन लग गई है उसकी कोरोना से तो सुरक्षा होती है लेकिन इस बात को लेकर अभी तक कोई प्रमाण नहीं है कि एक वैक्सीन लगा हुआ व्यक्ति किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति से असंक्रमित व्यक्ति तक कोरोना नहीं फैला सकता है। संभव है कि वह माध्यम बन जाए इसलिए मास्क पहनना न छोड़ें।
 
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6 से 8 महीने तक तो कोरोना से सुरक्षा रहती है। - फोटो : iStock
क्या कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद आजीवन कोरोना नहीं होगा?
अभी तक इस बात को लेकर कोई प्रमाण नहीं है क्योंकि वैक्सीन को आए ज्यादा समय नहीं हो पाया है, इसको लेकर कोई शोध भी नहीं है। फिलहाल के लिए यह कह सकते हैं कि वैक्सीन लगवाने के बाद 6 से 8 महीने तक तो कोरोना से सुरक्षा रहती है।
 
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वैक्सीन न ही लगवाएं - फोटो : Pixabay
यदि आपको कोरोना के लक्षण है तो क्या आप वैक्सीन लगवा सकते हैं?
नहीं, जिन लोगों को कोरोना है, वे उस वक्त वैक्सीन नहीं लगवा सकते हैं क्योंकि उनके द्वारा वैक्सीनेशन सेंटर पर कोरोना फैल सकता है। ऐसे में जबतक उन लोगों के कोरोना के लक्षण पूरी तरह से दूर नहीं हो जाते हैं, तबतक वैक्सीन न ही लगवाएं।

नोट- यह लेख एमजीएम मेडिकल कॉलेज एंड एमवाय ग्रुप के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर दिलीप सिंह चावड़ा से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर दिलीप सिंह चावड़ा पिछले सात सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी डिग्री एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर से ली है।
अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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