कोरोना वायरस में म्यूटेशन के कारण दूसरी लहर के दौरान रोगियों में तमाम तरह की समस्याएं देखने को मिलीं। संक्रमण की दूसरी लहर में वायरस शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते संक्रमितों में कई प्रकार के परिवर्तित लक्षण भी देखने को मिल रहे हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि जो लोग कोरोना संक्रमण से ठीक होकर लौट रहे हैं उनमें लॉन्ग कोविड का भी खतरा बना रहता है। विशेषज्ञों के मुताबिक जिन लोगों को पहले से ही कोमोरबिडिटी की शिकायत रह चुकी हो, ऐसे लोगों में गंभीर संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। कोरोना के दौरान हृदय रोगों से पीड़ित रोगियों में गंभीर समस्याएं देखने को मिलीं, इतना ही नहीं कई लोगों को आपनी जान तक गंवानी पड़ गई।
कोरोना में हृदय रोगियों के लिए गंभीर खतरे को देखते हुए शनिवार को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने एक ऐसे दवा के क्लीनिकल ट्रायल को मंजूरी दी है, जिसका उपयोग हृदय संबंधी जटिलताओं को कम करने में बेहद फायदेमंद हो सकता है। आइए इस दवा के बारे में विस्तार से जानते हैं।