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Covid-19: सीडीसी विशेषज्ञों की सलाह- करा लें एक और बार वैक्सीनेशन, क्या कोरोना का आ गया है कोई नया वैरिएंट?

Sat, 02 Mar 2024 04:24 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना का बूस्टर वैक्सीन - फोटो : iStock
कोरोना संक्रमण पिछले चार साल से अधिक समय से वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए जोखिम बना हुआ है। हालिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि दुनियाभर में फिलहाल संक्रमण की रफ्तार काफी नियंत्रित है। पिछले महीनों में ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट JN.1 के कारण कई देशों में संक्रमण का जोखिम बढ़ा था, हालांकि समय रहते इसपर काबू पा लिया गया।

2023 के आखिरी महीनों में भारत में भी कई राज्यों में कोरोना के मामलों में उछाल दर्ज की गई थी, पर यहां भी अब संक्रमण की स्थिति काफी कंट्रोल में है। विशेषज्ञों का कहना है कि दुनियाभर में ज्यादातर लोगों का टीकाकरण हो चुका है, साथ ही कई देशों में हर्ड इम्युनिटी बन चुकी है इसके कारण अब कोरोना के गंभीर रोग के मामले कम देखे जा रहे हैं।

इस बीच विशेषज्ञों की एक टीम ने 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों को कोविड वैक्सीन की एक और डोज लेने की सलाह दी है। सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने सलाह दी है कि 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोग, जिनके आखिरी टीकाकरण को चार माह से अधिक का समय बीत गया है उन्हें एक और बूस्टर डोज लगवा लेना चाहिए।

इस रिपोर्ट के बाद से सवाल उठने शुरू हो गए हैं कि क्या कोरोना का कोई और नया वैरिएंट आ गया है, जिसके खतरे को देखते हुए इस तरह की सलाह दी जा रही है?
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कोरोना का बूस्टर वैक्सीनेशन - फोटो : Pixels
65 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए सलाह

सीडीसी ने एक विज्ञप्ति में बताया, कोरोना को लेकर प्राप्त डेटा बताते हैं कि संक्रमण की स्थिति में 65 साल या उससे अधिक उम्र और कोमोरबिडिटी के शिकार लोगों में गंभीर रोग विकसित होने का खतरा अधिक हो सकता है। प्राप्त डेटा, ऐसे लोगों में जोखिमों को देखते हुए सुरक्षात्मक तौर पर बूस्टर वैक्सीन प्राप्त करने के महत्व को दर्शाता है। कोविड की अपडेट की गई वैक्सीन की एक अतिरिक्त खुराक शरीर में प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने और भविष्य में संक्रमण की स्थिति में गंभीर रोग के खतरे से बचाने में सहायक हो सकती है।

गौरतलब है कि इस आयु वर्ग वाले लोगों में गंभीर जोखिम अधिक देखा जाता रहा है।
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कोविड टीकाकरण - फोटो : pixabay
उम्र बढ़ने के साथ बढ़ जाता है गंभीर रोगों का खतरा

सीडीसी की रिपोर्ट में कहा गया है, साल 2023 की अंतिम तिमाही में आई कोरोना की छोटी लहर में आधे से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ी, इसमें से अधिकतर लोग 60 साल से अधिक उम्र के लोग थे। बीमारी के गंभीर मामलों के प्रति वरिष्ठ नागरिक सबसे अधिक संवेदनशील माने जाते रहे हैं। 

अमेरिका में 75 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 43% लोगों को नवीनतम टीका लगाया गया है, जो उन्हें संक्रमण के गंभीर जोखिमों से बचाने में मददगार हो सकती है।

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बूस्टर वैक्सीन संक्रमण से दे सकती है सुरक्षा - फोटो : पिक्साबे
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

सीडीसी निदेशक मैंडी कोहेन ने समाचार विज्ञप्ति में कहा, पिछले साल अधिकांश कोविड-19 मौतें और अस्पताल में भर्ती होने वाले लोग 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के थे। टीके की एक और खुराक अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान कर सकती है। कोविड-19 के हालिया आंकड़ों में जरूर गिरावट देखी जा रही है पर अध्ययनों में नए वैरिएंट्स के संभावित खतरों को लेकर बार-बार सावधान किया जाता रहा है। वैक्सीन की एक और डोज, आपकी सुरक्षात्मकता को और बढ़ाने वाली हो सकती है।
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कोरोना के नए वैरिएंट्स का जोखिम - फोटो : iStock
क्या आ गया है कोई नया वैरिएंट?

बूस्टर वैक्सीन लगाने पर दिए जा रहे जोर को लेकर लोगों के मन में ये सवाल आता है कि क्या कोई नया वैरिएंट आ गया है?

मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि फिलहाल ओमिक्रॉन का JN.1 वैरिएंट ही अब भी अधिकतर देशों में प्रमुख कोरोना वैरिएंट है, जिसके कारण साल 2023 के आखिरी महीनों में भारत सहित कई देशों में संक्रमण के मामले बढ़े थे। वैरिएंट्स में किसी नए अपडेशन या म्यूटेशन की जानकारी नहीं है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते रहे हैं कि कोरोना वायरस जीवित रहने के लिए समय-समय पर म्यूटेट होता रहता है इसलिए नए वैरिएंट्स और उसके जोखिमों को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता है।



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स्रोत और संदर्भ
Older Adults Now Able to Receive Additional Dose of Updated COVID-19 Vaccine

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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