ब्रेन ट्यूमर की समस्या एक घातक स्थिति है, जिसमें अगर समय पर इलाज न मिल पाए तो मृत्यु का जोखिम बढ़ सकता है। आंकड़े बताते हैं कि सभी प्राथमिक तंत्रिका तंत्र ट्यूमर में से 85-90 प्रतिशत ट्यूमर मस्तिष्क में होते हैं। भारत में भी ब्रेन ट्यूमर एक बड़ी समस्या रही है। साल 2018 में ब्रेन ट्यूमर को देश में रिपोर्ट किए गए 10वें सबसे आम प्रकार के ट्यूमर के रूप में वर्गीकृत किया गया था। विशेषज्ञों के मुताबिक वैसे तो हर साल ब्रेन ट्यूमर के निदान की संख्या बहुत अधिक नहीं है, पर इससे होने वाली मृत्यु दर अभी भी बड़े चिंता का कारण है। सभी लोगों को इसके प्रारंभिक लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए।
ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क में असामान्य कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि की समस्या है। ट्यूमर के आकार और यह किस हिस्से में है, इसके आधार पर इसके लक्षण हल्के या गंभीर हो सकते हैं। इसका समय पर निदान और उपचार किया जाना आवश्यक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अगर शुरुआती कुछ सामान्य संकेतों पर ध्यान दिया जाए तो समय पर इस गंभीर और घातक समस्या की पहचान की जा सकती है। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।