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Bowel Cancer: ऐसे सामान्य लक्षणों को अनदेखा करना पड़ सकता है भारी, जानिए कैसे रहें कैंसर से सुरक्षित?

Tue, 29 Mar 2022 03:57 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आंतों के कैंसर के संकेत को पहचानिए? - फोटो : iStock
कैंसर बेहद घातक स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। भारत में भी पिछले दो दशक में तमाम तरह के कैंसर रोगियों की संख्या में इजाफा देखने को मिला है। कुछ प्रकार के कैंसर को विशेषज्ञ बहुत घातक मानते हैं। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लक्षणों पर ध्यान रखते हुए समय पर कैंसर की पहचान कर ली जाए तो इलाज और रोगी के जान बचने की संभावना बढ़ जाती है। पर दुर्भाग्यवश ज्यादातर मामलों में कैंसर का निदान इसके आखिरी चरणों में हो पाता है।

बाउल कैंसर, एक ऐसा ही कैंसर है जिसका हर साल लाखों लोग शिकार होते हैं। यह कैंसर मुख्यरूप से बड़ी आंत में शुरू होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कैंसर किस हिस्स में हैं,  इसके आधार पर इसे कोलन या रेक्टल कैंसर के रूप में भी जाना जाता है। अगर इसके लक्षणों की समय पर पहचान कर ली जाए तो बीमारी को गंभीर रूप लेने और रोगी की जान बचाने की संभावना बढ़ जाती है। ट्यूमर के फैलने के साथ मृत्युदर का जोखिम बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों पर ध्यान देने की सलाह देते हैं। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में जानते हैं। 
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पेट के कैंसर को पहचानिए? - फोटो : iStock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
कैंसर विशेषज्ञों के मुताबिक मल-मूत्र में दिखाई देने वाले आसान्य बदलावों के आधार पर इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या का अंदाजा लगाया जा सकता है। हैरानी की बात यह है कि इन संकेतों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। आंत के कैंसर के लक्षण पेट की कुछ समस्याओं की तरह ही हो सकते हैं जिसको लेकर लोग अक्सर कन्फ्यूज दिखाई देते हैं, हालांकि समय रहते इसका सही निदान किया जाना आवश्यक है।
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पेट में अल्सर की समस्या को जानिए? - फोटो : pixabay
ऐसे लक्षणों को न करें अनदेखा
विशेषज्ञों के मुताबिक आंत के कैंसर के कई लक्षणों को अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। बार-बार शौच जाने की आवश्यकता, अक्सर दस्त बना रहना, खाने के बाद पेट में दर्द, भोजन के बाद पेट में सूजन और मल में रक्त आने जैसे लक्षण आंत के कैंसर की ओर संकेत हो सकते हैं। इस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। अगर आपको भी इनमें से कोई समस्या लंबे समय से बनी हुई है तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें।

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लक्षणों को न करें अनदेखा? - फोटो : istock
आंत के कैंसर के अन्य लक्षण
मायो क्लीनिक की रिपोर्ट के अनुसार आंत और पेट के कैंसर में बहुत से पीड़ितों को रोग के प्रारंभिक चरण में किसी भी लक्षण का अनुभव नहीं होता है। हालांकि पेट से संबंधित कुछ समस्याओं पर ध्यान देकर इसकी पहचान की जा सकती है। यदि इनमें से कोई भी लक्षण अधिक समय तक दिखाई देता रहता है, तो अपने डॉक्टर से जांच जरूर करा लें।
  • अनपेक्षित रूप से वजन घटना।
  • बहुत अधिक थकान महसूस होते रहना।
  • पेशाब से खून आना।
  • मूत्र के रंग में परिवर्तन जैसे गहरा, जंग लगा रंग या भूरे रंग का पेशाब होना।
  • गुदा या मलाशय में गांठ महसूस होना।
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पेट की समस्याओं को हल्के में न लें? - फोटो : Pixabay
किन्हें आंत-पेट के कैंसर का खतरा अधिक होता है?
विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ स्थितियां आपमें कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। इस संबंध में विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। यह स्थितियां कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती हैं। 
  • धूम्रपान-शराब का सेवन
  • व्यायाम की कमी
  • क्रोहन डिजीज की समस्या
  • कैंसर का आनुवांशिक जोखिम
  • मोटापा के शिकार लोगों में भी कोलन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
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आहार का रखें विशेष ध्यान - फोटो : Istock
कैंसर से बचाव के लिए क्या करें?
आप अपने दैनिक जीवनशैली में बदलाव करके कोलन कैंसर के जोखिम को कम कर सकते हैं। विभिन्न प्रकार की फल, सब्जियां और साबुत अनाज खाएं। फलों, सब्जियों और साबुत अनाज में विटामिन, खनिज, फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो कैंसर की रोकथाम में भूमिका निभा सकते हैं। शराब-धूम्रपान से दूरी बना लें। रोजाना कम से कम 30 मिनट का व्यायाम करने का प्रयास करें। शारीरिक सक्रियता आपको कई तरह के जोखिमों से बचा सकती है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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